Bharat Express DD Free Dish

World Politics

मॉस्को में अमेरिकी सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य विमान की अचानक लैंडिंग से सस्पेंस बढ़ गया है. क्रेमलिन ने किसी भी आधिकारिक बैठक से इनकार किया है.

अफ्रीका में चीन की बढ़ती बंदरगाह मौजूदगी ने ‘डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसी’ की बहस तेज कर दी है. निवेश, कर्ज और रणनीतिक नियंत्रण के बीच संप्रभुता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

अमेरिका के टैरिफ दबाव और ट्रंप की धमकियों के बीच भारत और यूरोपीय यूनियन ने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है. इस समझौते के तहत करीब 90% उत्पादों पर टैरिफ कम या पूरी तरह खत्म हो जाएगा. बीयर, वाइन, लग्जरी कारें, चॉकलेट और प्रोसेस्ड फूड सस्ते होंगे. EU भारत को ग्रीनहाउस गैस कम करने के लिए 500 मिलियन यूरो की मदद भी देगा. यह डील भारत की वैश्विक आर्थिक रणनीति को नई दिशा दे सकती है.

Trump military strikes: दूसरी बार अमेरिकी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के एक साल के अंदर ट्रंप ने 7 देशों पर सैन्य हमले किये. जिसमें ईरान के कथित परमाणु संयंत्र पर हमला भी शामिल है.

पाकिस्तान जब से आजाद हुआ उसके बाद से उस देश में कोई भी चुनी हुई सरकार अपने मन से काम नहीं कर पाई. कोई न कोई बहाना बनाकर चुनी हुई सरकार पर सेना हाबी हो जाती है और देश का प्रधानमंत्री सीधे अपने कुर्सी से कहीं और नहीं बल्कि जेल पहुंच जाता है. कुछ ऐसा वाकया पाकिस्तान में एक बार फिर से देखने को मिला है.

साल 2025 वैश्विक राजनीति में बयानों का साल रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन और बेंजामिन नेतन्याहू तक कई नेताओं के बयानों ने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और कूटनीति की दिशा तय की.

विदेशों में पाकिस्तानी नागरिकों के भीख मांगते पकड़े जाने का मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में आ चुका है. शुरुआत में तो ये एक बिखरी हुई समस्या लग रही थी लेकिन अब एक बड़े पैमाने पर संगठित घटना के रूप में सामने आई है. इसने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा किया है और सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर किया है.

पाक अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा की तरफ से बड़ी साजिश की जा रही है. यहां रावलकोट में लश्कर के जेहादियो के लांच पैड बनाए जा रहे हैं. जहां ख़ुद लश्कर के POK में प्रवक्ता ने मरकज़ बनाने की बात कुबूल की है. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के लांच पैड तबाह किए थे. इसके बाद भी POK में मरकज़ की आड़ में आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के कई लांच पैड तैयार किए जा रहे हैं. इसका ताजा उदाहरण रावलकोट के खैगला इलाके में एक इमारत बन रही है.

विश्व राजनीति की अशांत मिट्टी पर खड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का नैतिक व संस्थागत आधार आज पहले से कहीं अधिक प्रश्नों से घिरा है। जब युद्ध बढ़ते जा रहे हैं, तब शांति का सबसे बड़ा संरक्षक स्वयं अपनी भूमिका सिद्ध करने में असफल दिख रहा है.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1945-आधारित संरचना आज की बहुध्रुवीय और संघर्षग्रस्त दुनिया में शांति बनाए रखने में सक्षम नहीं रह गई है.वीटो शक्ति का राजनीतिक दुरुपयोग, अप्रतिनिधिक सदस्यता, कमजोर राजनीतिक निरंतरता, असंगठित शांति अभियानों और बड़े मानवीय संकटों पर निष्क्रियता ने UNSC को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान पर कहा कि अल जजीरा से इजराइल की सुरक्षा को खतरा है. उन्होंने इसे ‘आतंकी चैनल’ भी बताया. इजरायल के कदम को अमेरिका ने चिंताजनक बताया है.