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‘पहले ईरान खत्म करूंगा, फिर…’, स्ट्राइक की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, बताया अपना प्लान पार्ट-2

US Israel Iran conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अपनी विदेश नीति को लेकर बिल्कुल ‘स्ट्रेट फॉरवर्ड’ हैं. हाल ही में फुटबॉल क्लब इंटर मायामी की जीत के जश्न के मौके पर व्हाइट हाउस में उन्होंने जो बात कही, उसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर ‘ईरान का युद्ध’ है, और इसके खत्म होते ही उनका अगला ठिकाना क्यूबा हो सकता है.

ईरान की सैन्य ताकत को झटका

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों को लेकर काफी आत्मविश्वास दिखाया है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल की जोड़ी दुश्मन पर भारी पड़ रही है. उनके दावों की मानें तो, ईरान की वायुसेना लगभग अपाहिज हो चुका है, उनका एयर डिफेंस सिस्टम चरमरा गया है और नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है.

ट्रंप ने तो दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने महज तीन दिनों के भीतर ईरान के 24 युद्धपोतों को मलबे में बदल दिया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन ट्रंप का अंदाज बताता है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है. उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर संघर्ष नहीं थमा, तो आने वाले दिन ईरान के लिए और भी भयावह हो सकते हैं.

क्या खुल रही है बातचीत की राह?

बता दें कि ट्रंप ने बातचीत का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया है. उन्होंने बताया कि ईरानी नेतृत्व से उन्हें ऐसे संदेश मिल रहे हैं कि वे समझौता करना चाहते हैं. यानी, एक तरफ सैन्य दबाव और दूसरी तरफ कूटनीतिक दबाव, ट्रंप की रणनीति दोनों हाथों से काम कर रही है. ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भी उन्होंने राहत की बात कही, यह दावा करते हुए कि युद्ध के बावजूद तेल की कीमतें अब स्थिर हैं.

ईरान के बाद कौन है अगला ‘टारगेट’?

ट्रंप के अपने बयान में क्यूबा कि जिक्र करते हुए कहा कि ईरान का काम खत्म होते ही अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर मुड़ जाएगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि क्यूबा अब अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है और वहां के कई प्रवासी भविष्य में अपने वतन लौटने की उम्मीद पाले हुए हैं.

ट्रंप का ये इशारा साफ है कि वह एक-एक करके अपने ‘टारगेट’ को सेट कर रहे हैं. ईरान और क्यूबा के अलावा, भविष्य में अमेरिका अपनी विदेश नीति की दिशा किस ओर मोड़ेगा, ये अब दुनिया भर के रणनीतिकारों के लिए चर्चा का विषय बन गया है.

ये भी पढें: ‘बुद्ध’ को हथियार बना रहा ड्रैगन! श्रीलंका में पकड़ बनाने के लिए चीन ने चल रहा शातिराना चाल

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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