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सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? OPEC से 60 साल पुराना रिश्ता तोड़ आबू धाबी ने चला सबसे बड़ा दांव, हिल गई खाड़ी की सियासत

UAE Exits OPEC: अमेरिका-इजरायल और ईरान यु्द्ध ने मिडिल ईस्ट का नक्शा बदल दिया है. यह कोई जमीन पर बना नक्शा नहीं है, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े तेल संगठन का नक्शा है. दरअसल दुनिया के सबसे ताकतवर तेल संगठन माने जाने वाले OPEC और OPEC प्लस को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने टाटा कह दिया है.

UAE आधिकारिक रूप से 1 मई से इस संगठन से बाहर निकल जाएगा. जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भूचाल आ गया है. गौरतलब है कि आबू धाबी इस संगठन का पिछले 60 सालों से हिस्सा था.

OPEC से UAE के बाहर निकलने के बाद से खाड़ी देशों की राजनीतिक ताकत घट सकता है. आबू धाबी के इस फैसले पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं, क्योंकि इससे ना सिर्फ वैश्विक ऊर्जा बाजार में परिवर्तन आएगा बल्कि इसे एक नए कूटनीतिक युग की शुरुआत भी माना जा रहा है.

क्यों UAE ने छोड़ दिया OPEC?

UAE साल 1967 से ही ओपेक का हिस्सा था. अब लगभग 60 सालों बाद इस गठबंधन से उसने खुद को अलग कर लिया है. इसका मुख्य कारण तेल उत्पादन को बताया जा रहा है. दरअसल UAE अपनी तेल उत्पादन क्षमता को बढ़ाना चाहता है. वह OPEC के हस्तक्षेप के चलते अपनी कुल तेल उत्पादन क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहा था. UAE हर दिन 50 लाख बैरल तेल उत्पादन का टारगेट रखा है.

इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ना लाजमी है. भविष्य में तेल सप्लाई बढ़ने पर तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा सकती है. हालांकि अभी तेल का दाम घटेगा, इसकी संभावना कम है.

तेल उत्पादन पर पाबंदी और सऊदी के साथ तनाव

OPEC का सदस्य होने के चलते यूएई एक निश्चित बैरल तक ही तेल का उत्पादन कर सकता था. वह इससे ज्यादा तेल निकालने के लिए स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकता था. अब 1 मई 2026 से UAE अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक तेल निकाल सकता है और वैश्विक बाजार में उसे बेच सकता है.

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UAE के इस निर्णय के पीछे सऊदी अरब के साथ उसके तनाव को बताया जा रहा है. OPEC का नेतृत्व आमतौर पर सऊदी अरब ही करता है. लेकिन हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर दिख रहा है. क्षेत्रीय राजनीति और आर्थिक निवेश को लेकर लड़ाई दोनों देशों के बीच की खाई को और गहरी कर रही है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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