दुनिया

कौन हैं न्यूयॉर्क के पहले भारतीय मुस्लिम मेयर, ट्रंप की धमकी से भी नहीं डरे और जीत दर्ज की?

भारतीय मूल के जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) ने न्यूयॉर्क शहर का मेयर चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है. 34 वर्षीय ममदानी अब अमेरिका के सबसे बड़े शहर के पहले भारतीय-अमेरिकी मुस्लिम मेयर बन गए हैं. उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन कर्टिस स्लीवा को हराकर यह बड़ी जीत हासिल की. ममदानी एक जनवरी 2026 को पदभार संभालेंगे और इस अभी तक के सबसे युवा मेयर भी बन जाएंगे.

कौन हैं ममदानी?

जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) का जन्म युगांडा में हुआ था लेकिन वे सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क आ गए थे. उनके पिता महमूद ममदानी एक प्रसिद्ध लेखक और मार्क्सवादी विद्वान हैं. उनकी मां मीरा नायर एक पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने ‘मॉनसून वेडिंग’ और ‘द नेमसेक’ जैसी चर्चित फिल्में बनाई हैं.

जमीनी स्तर पर कैंपेन

इस चुनाव में ममदानी ने जमीनी स्तर पर कैंपेन चलाया और जनता से सीधे जुड़ने की कोशिश की. उनके करिश्मे ने कुओमो की राजनीतिक वापसी की कोशिशों को नाकाम कर दिया. कुओमो को उनके अतीत यौन उत्पीड़न के आरोपों और इस्तीफे की वजह से आलोचना झेलनी पड़ी. वहीं ममदानी को उनके अनुभव की कमी के लिए आलोचना मिली लेकिन जनता ने उन्हें मौका देने का फैसला किया.

50 सालों में सबसे ज्यादा वोटिंग

इस चुनाव में पिछले 50 सालों में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई. 2 मिलियन से ज्यादा न्यूयॉर्क वासियों ने मतदान किया. यह रिकॉर्ड मतदान ममदानी की लोकप्रियता और बदलाव की चाह को दर्शाता है.

ममदानी के चुनावी वादें

ममदानी ने चुनाव के दौरान कई वादे किए थे जिसमें घरों के किराए नहीं बढ़ेंगे, सभी के लिए फ्री सरकारी बस सेवा, 6 सप्ताह से 5 साल तक के बच्चों के लिए मुफ्त डे केयर और सस्ता राशन उपलब्ध कराये जाने का फैसला लिया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने किया था विरोध

उनकी जीत को लेकर एक और बड़ा पहलू यह रहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर विरोध किया था. उन्होंने ममदानी को गिरफ्तार और निष्कासित करने की धमकी तक दी थी लेकिन जनता ने ट्रंप की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए ममदानी को चुना. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ममदानी ट्रंप की राजनीतिक चुनौती से कैसे निपटेंगे.

येे भी पढ़ें-अमेरिका के केंटकी में UPS कार्गो विमान दुर्घटनाग्रस्त, 4 की मौत, 11 घायल, लुइसविले एयरपोर्ट बंद

डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट विचारधारा की जीत

ममदानी की जीत डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट विचारधारा की भी जीत मानी जा रही है. वे न सिर्फ मुस्लिम समुदाय बल्कि दक्षिण एशियाई और अफ्रीकी मूल के लोगों के लिए भी एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं. अब उनके सामने चुनौती है कि वे अपने वादों को कैसे पूरा करेंगे और न्यूयॉर्क जैसे विशाल शहर को कैसे संभालेंगे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

शारदीय नवरात्र के पहले दिन बदल जाएगी ग्रहों की चाल! धनु और सिंह राशि की आएगी मौज, मीन वाले रहें सतर्क

11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के पहले दिन लक्ष्मीनारायण योग और मालव्य योग के…

22 minutes ago

एशियन गेम्स में मेडल जिताने वाले कोच को महीनों से नहीं मिला वेतन

एशियन गेम्स में भारत को 3 गोल्ड मेडल जिताने वाले कंपाउंड आर्चरी टीम के कोच…

8 hours ago

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पीएम मोदी से की मुलाकात, राज्य में शांति बहाली और विकास कार्यों पर हुई चर्चा

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह…

9 hours ago

एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सीएम योगी से की भेंट, शिक्षा और शोध पर हुई चर्चा

एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार…

9 hours ago