अजब-गजब

SBI खुद हुआ ‘डिफॉल्टर’! 38 महीने से नहीं मिला किराया, मकान मालिक ने जड़ा ताला

Etah SBI Branch Locked: एटा/सुधीर कुमार: उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज कस्बे में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा के गेट पर बैंक अधिकारियों के बजाय मकान मालिक का ताला लटका मिला. मकान मालिक का आरोप है कि बैंक पिछले 38 महीनों से किराए का भुगतान नहीं कर रहा है. बैंक की इस ‘कंगाल’ कार्यप्रणाली से तंग आकर गृह स्वामी ने यह सख्त कदम उठाया, जिससे हजारों ग्राहकों के लेनदेन पर संकट खड़ा हो गया है.

2018 में खत्म हुआ था एग्रीमेंट (Aliganj SBI Bank Rent Dispute)

मकान मालिक रमेश चंद और उनके साझेदार सुशील कुमार गुप्ता के अनुसार, बैंक के साथ वर्ष 2008 में 10 साल का एग्रीमेंट हुआ था. उस समय 50,000 रुपये प्रति माह किराया तय किया गया था. साल 2018 में यह एग्रीमेंट समाप्त हो गया, जिसके बाद उम्मीद थी कि नया अनुबंध होगा. लेकिन आरोप है कि पिछले 3 वर्ष और 2 महीनों (38 महीने) से बैंक ने फूटी कौड़ी भी किराए के रूप में नहीं दी है.

हर नोटिस अनसुनी (SBI Bank Rent Dispute)

पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया. जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अधिवक्ता अंकित प्रताप सिंह के माध्यम से अंतिम कानूनी नोटिस भेजा गया. इसके बावजूद बैंक प्रबंधन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी. अंततः थक-हारकर मकान मालिक ने मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया और ताला लगाकर चाबी अपने पास रख ली.

ग्राहकों की बढ़ी मुश्किलें, पुलिस ने संभाला मोर्चा

सुबह जब बैंक कर्मचारी और सैकड़ों ग्राहक काम के लिए पहुँचे, तो ताला देखकर दंग रह गए. पेंशनभोगियों से लेकर व्यापारियों तक को बैरंग वापस लौटना पड़ा. मामले की गंभीरता को देखते हुए अलीगंज थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने हस्तक्षेप किया है. पुलिस का कहना है कि बैंक प्रबंधन और मकान मालिक, दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है ताकि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकाला जा सके और बैंकिंग सेवाएं बहाल हों.

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एसबीआई जैसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा इतने लंबे समय तक किराए का भुगतान न करना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है. फिलहाल, अलीगंज की इस शाखा में सन्नाटा पसरा है और चाबी मकान मालिक के पास है. यह मामला सबक है कि सरकारी या निजी, अनुबंधों का सम्मान करना सभी के लिए अनिवार्य है. अब देखना होगा कि बैंक बकाया राशि का भुगतान कब तक करता है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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