अजब-गजब

CEO ने कहा ‘मालिक की तरह सोचो’, कर्मचारी ने दिया हैरान कर देने वाला जबाव

 Gen Z Employee Viral Story: ऑफिस कल्चर और नौकरी को लेकर Gen Z का नजरिया पुरानी पीढ़ियों से काफी अलग माना जाता है. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही किस्सा वायरल हो रहा है, जिसने कर्मचारी और कंपनी के बीच जिम्मेदारी, मेहनत और अधिकार को लेकर नई बहस छेड़ दी है. कहानी में एक CEO ने अपने कर्मचारी को करियर में आगे बढ़ने के लिए ‘मालिक की तरह सोचने’ की सलाह दी. लेकिन कर्मचारी ने इसके जवाब में ऐसा सवाल कर दिया कि CEO भी हंसने लगे.

CEO ने दी ‘मालिक की तरह सोचने’ की सलाह

वायरल कहानी के मुताबिक, एक कर्मचारी को लेकर CEO कुछ परेशान थे. उन्होंने उसे अपने केबिन में बुलाया और समझाया कि अगर वह अपने करियर में तेजी से आगे बढ़ना चाहता है तो उसे सिर्फ एक कर्मचारी की तरह नहीं, बल्कि मालिक की तरह सोचना चाहिए. CEO ने तर्क दिया कि कंपनी का मालिक घड़ी देखकर काम खत्म नहीं करता. उसका ध्यान कंपनी की सफलता और काम पूरा करने पर रहता है. इसलिए कर्मचारी को भी अपनी जिम्मेदारी को इसी नजरिए से देखना चाहिए.

कर्मचारी ने पूछा- 50% हिस्सेदारी देंगे?

CEO की बात सुनने के बाद Gen Z कर्मचारी ने बिना झिझक एक सीधा सवाल कर दिया. उसने पूछा कि अगर कंपनी उससे मालिक की तरह सोचने की उम्मीद कर रही है, तो क्या उसे कंपनी में 50 फीसदी हिस्सेदारी दी जाएगी? कर्मचारी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मालिक कंपनी में पैसा लगाते हैं, जोखिम उठाते हैं और मुनाफा होने पर उसका फायदा भी हासिल करते हैं. दूसरी तरफ कर्मचारी को अतिरिक्त मेहनत करने के बावजूद तय सैलरी ही मिलती है.

5 बजते ही उठाया बैग और चला गया

कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसके बाद आया. बातचीत के दौरान CEO हंसते हुए बोले कि उनका मतलब सचमुच मालिक बना देना नहीं था. तभी कर्मचारी ने घड़ी की तरफ देखा. समय करीब 4:59 बजे था. उसने अपना काम समेटा, बैग उठाया और ऑफिस से निकलने लगा. CEO ने पूछा कि वह कहां जा रहा है. कर्मचारी ने जवाब दिया कि वह घर जा रहा है, क्योंकि उसके कॉन्ट्रैक्ट में काम का समय शाम 5 बजे तक निर्धारित है. अगली सुबह भी कर्मचारी तय समय से पहले ऑफिस पहुंच गया और सामान्य तरीके से अपना काम करने लगा.

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सोशल मीडिया पर दो गुटों में बंटे लोग

इस वायरल किस्से ने सोशल मीडिया पर काम और वफादारी को लेकर बहस छेड़ दी है. एक पक्ष का कहना है कि अगर कर्मचारी को सिर्फ सैलरी मिल रही है, तो उससे कंपनी के मालिक जैसी जिम्मेदारी और त्याग की उम्मीद करना उचित नहीं है. वहीं, दूसरे पक्ष का मानना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए कर्मचारी को अपनी तय जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर मेहनत और जिम्मेदारी दिखानी पड़ती है. यही वजह है कि यह कहानी Gen Z के वर्क कल्चर को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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