अजब-गजब

मध्य प्रदेश में बना गधे का नर्सिंग सर्टिफिकेट? पिता का नाम ‘डंकी फादर’, NSUI का दावा- MPNRC में चल रहा फर्जीवाड़े का खेल

अजय भटनागर, भोपाल


मध्य प्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) में फर्जीवाड़े और व्यवस्था की खामियों का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है. एनएसयूआई (NSUI) ने एमपीएनआरसी की ऑनलाइन व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाते हुए आधिकारिक पोर्टल से जारी एक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सार्वजनिक किया है, जो किसी इंसान नहीं बल्कि ‘गधे’ (Donkey) के नाम पर विधिवत जारी हुआ है. छात्र संगठन का आरोप है कि हाईकोर्ट के कड़े रुख और सीबीआई जांच के बावजूद काउंसिल में बिना वास्तविक भौतिक सत्यापन के धड़ल्ले से रजिस्ट्रेशन जारी हो रहे हैं.

नाम ‘DONKEY MPNRC’ और पिता का नाम ‘DONKEY FATHER’

जारी किए गए आधिकारिक डिजिटल प्रमाण पत्र (पंजीयन प्रमाण पत्र) में नाम की जगह ‘DONKEY MPNRC’ और पिता के नाम पर ‘DONKEY FATHER’ दर्ज है. तस्वीर के स्थान पर डॉक्टर का कोट पहने एक गधे का एआई कार्टून लगा हुआ है. प्रमाण पत्र के मुताबिक, संबंधित ‘अभ्यर्थी’ को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के भोपाल नर्सिंग कॉलेज से 2021 से 2025 सत्र में बीएससी नर्सिंग उत्तीर्ण और मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा अगस्त 2025 में आयोजित परीक्षा पास दिखाया गया है. 25 सितंबर 2026 को जारी यह प्रमाण पत्र बाकायदा 24 सितंबर 2031 तक वैध दिखाया गया है.

सिस्टम की पोल खोलने के लिए किया गया था ‘लाइव टेस्ट’

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि उन्होंने काउंसिल के ऑनलाइन पोर्टल की सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन तंत्र की जमीनी हकीकत परखने के लिए यह परीक्षण किया था. उन्होंने आवेदन में गधे की फोटो लगाई और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के स्थान पर ऐसे दस्तावेज अपलोड किए जिनका नर्सिंग से कोई संबंध नहीं था. इसके बाद जैसे ही ऑनलाइन निर्धारित शुल्क का भुगतान किया गया, सिस्टम ने बिना किसी रोक-टोक और सत्यापन के अधिकृत बारकोड व डिजिटल हस्ताक्षर युक्त रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जनरेट कर दिया.

मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, उच्च स्तरीय जांच की मांग

रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग रजिस्ट्रेशन कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, क्योंकि रजिस्टर्ड नर्सें सीधे अस्पतालों में गंभीर मरीजों की देखभाल करती हैं. यदि गधे के नाम पर वैध रजिस्ट्रेशन नंबर जारी हो सकता है, तो यह स्पष्ट करता है कि राज्य में फर्जी दस्तावेजों पर हजारों अपात्र लोगों को नर्सिंग का लाइसेंस थमाया जा रहा होगा. एनएसयूआई ने इसे मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी व साइबर जांच कराने और जिम्मेदार अफसरों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.

‘न तटबंध सुरक्षित, न किसानों का भविष्य’, पप्पू यादव ने बाढ़ और तबाही के बीच सरकार-प्रशासन को घेरा

Bharat Express Desk

Recent Posts

“कल तक लापता, आज मिला शव; मासूम रतन की मौत के पीछे कौन?”

Child Death News: लखीमपुर खीरी के फरधान थाना क्षेत्र के रुकंदीपुर गांव में लापता पांच…

6 minutes ago

पंजाब में ड्रग्स पर अमित शाह का हमला, AAP सरकार से पूछा सवाल, बोले- आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन?

Amit Shah Punjab Visit: पंजाब दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे…

6 minutes ago

दिवाली की छुट्टी पर कॉकरोच! CJP के फेस्टिवल वेकेशन पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

Abhijeet Dipke On CJP Protest Break: चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी…

57 minutes ago

असली निशाना कोई और सेलिब्रिटी था? टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में शूटर्स ने उगले बड़े राज

Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा सामने आया है. जांच…

1 hour ago

क्या से क्या कांड हो गया? रोहित बन इंदौर आया गाजियाबाद का अनस; देखें बजरंग दल का Live एक्शन VIDEO

Indore Bajrang Dal Action: इंदौर के विजयनगर इलाके में ऑनलाइन ऐप के जरिए नाम बदलकर…

2 hours ago