ब्लॉग

पत्थर में इतिहास गढ़ने वाला हाथ थमा! स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार राम सुतार का 100 वर्ष की उम्र में निधन

भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले महान मूर्तिकार राम वंजी सुतार का 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया. सुतार जी न केवल एक कलाकार थे, बल्कि भारत की ऐतिहासिक स्मृतियों को जीवंत करने वाले एक सेतु थे, जिनकी रचनाएं आज भी सार्वजनिक स्थलों पर खड़ी होकर इतिहास को आम जनता से जोड़ती हैं.

कला यात्रा

19 फरवरी 1925 को महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंडूर गांव में जन्मे राम सुतार का प्रारंभिक जीवन सादगी और संघर्षों से भरा था. एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सुतार जी ने अपनी कला यात्रा दिल्ली के सरकारी कला महाविद्यालय से शुरू की, जहां उन्होंने मूर्तिकला में डिप्लोमा प्राप्त किया. उनकी रचनात्मकता ने जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई. अपने जीवनकाल में 350 से अधिक मूर्तियां रचीं, जो स्वतंत्रता सेनानियों, राष्ट्रीय नेताओं, समाज सुधारकों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को समर्पित हैं. इनमें से कई मूर्तियां देश के विभिन्न कोनों- गुजरात से असम तक- में स्थापित हैं, जो उनकी कला की व्यापकता को दर्शाती हैं.

उनकी कला की विशेषता थी उनकी रचनाओं में भावनाओं की गहराई. वे मात्र भव्यता पर नहीं, बल्कि चेहरे के सूक्ष्म भाव, शरीर की मुद्रा और व्यक्तित्व की आंतरिक ऊर्जा को उकेरने पर जोर देते थे. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, “मूर्ति केवल पत्थर या धातु का टुकड़ा नहीं होती; यह जीवंत इतिहास है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है.”

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: वैश्विक पहचान का प्रतीक

राम सुतार की सबसे चर्चित और भव्य कृति है गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’, जो भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है. 182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा न केवल दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है, बल्कि भारतीय एकता, संकल्प और आत्मविश्वास का जीवंत प्रतीक मानी जाती है. इस परियोजना पर काम करते हुए सुतार जी ने 12 वर्ष लगाए, जिसमें उन्होंने सरदार पटेल के व्यक्तित्व को इतनी सजीवता से उकेरा कि दर्शक मूर्ति के सामने खड़े होकर इतिहास की गहराई महसूस करते हैं. इस रचना ने न केवल भारतीय मूर्तिकला को वैश्विक पटल पर स्थापित किया, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दिया.

इसके अलावा, दिल्ली के संसद भवन परिसर में स्थापित ‘महात्मा गांधी की प्रतिमा’ भी उनकी कृति है, जो अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों को मूर्त रूप प्रदान करती है. उन्होंने गांधी जी के चेहरे पर वह शांत लेकिन दृढ़ भाव कैद किया है, जो दर्शकों को उनके दर्शन से जोड़ता है. उनकी अन्य उल्लेखनीय रचनाओं में चाणक्य, डॉ. भीमराव अंबेडकर, रानी लक्ष्मीबाई और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियां शामिल हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हैं.


ये भी पढ़ें: भारत की आजादी के 14 साल बाद 36 घंटे में कैसे आजाद हुआ गोवा? आज ही खत्म हुई थी 451 साल की गुलामी


सम्मान और विरासत

अपने योगदान के लिए राम सुतार को देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया. 1999 में उन्हें ‘पद्म श्री’ और 2016 में ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया गया. इसके अलावा, उन्हें राष्ट्रीय कला अकादमी पुरस्कार और अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए. अंतिम वर्षों तक वे सक्रिय रहे और नई पीढ़ी के कलाकारों को मार्गदर्शन देते रहे. उन्होंने नोएडा में अपना स्टूडियो स्थापित किया, जहां युवा मूर्तिकार उनके साथ कार्यरत थे.

राम सुतार की विरासत केवल उनकी मूर्तियों तक सीमित नहीं है, उन्होंने भारतीय सार्वजनिक कला को एक नया आयाम दिया. उनकी रचनाएं इतिहास को न केवल संरक्षित करती हैं, बल्कि इसे जीवंत बनाती हैं. जैसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने गुजरात को पर्यटन का केंद्र बनाया, वैसे ही उनकी अन्य कृतियां स्थानीय समुदायों को अपनी जड़ों से जोड़ती हैं.

एक युग का अंत, प्रेरणा का उदय

राम सुतार का निधन एक कलाकार का नहीं, बल्कि भारत की सार्वजनिक कला और ऐतिहासिक स्मृति के एक मजबूत आधार का जाना है. उनकी विदाई के साथ ही एक युग समाप्त हुआ, लेकिन उनकी मूर्तियां खड़ी रहकर नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेंगी- एकता का संदेश देकर, इतिहास को साकार करके.

-भारत एक्सप्रेस

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

Recent Posts

‘प्रेस आईडी गले में टांगो…’, जंतर-मंतर हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने पत्रकारों के लिए जारी किए नियम

जंतर-मंतर पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के…

8 minutes ago

एशियन गेम्स से वर्ल्ड कप तक… फिर क्यों अचानक हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी? भावुक पोस्ट में छलका दर्द

Harmanpreet Kaur: हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़…

21 minutes ago

‘इजरायल से बात करना गद्दारी नहीं’, PAK एक्सपर्ट की शहबाज शरीफ को सलाह… क्या मुस्लिमों को धोखा देगा पाकिस्तान?

Pakistan Foreign Policy: इजरायल से बातचीत को गद्दारी न मानते हुए पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने शहबाज…

34 minutes ago