विकसित भारत ‘जी राम जी विधेयक (G Ram G Bill)’ लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पारित हो गया है. सरकार का कहना है कि यह विधेयक ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए लाया गया है. इसके तहत हर साल 125 दिनों तक मजदूरी रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया है. यह नया कानून लगभग 20 साल पुरानी मनरेगा योजना की जगह लेगा.
इस विधेयक के पारित होने के दौरान संसद में भारी हंगामा देखने को मिला. विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया और राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया. बाद में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर धरना भी दिया. विपक्ष का मुख्य विरोध इस बात को लेकर है कि नई योजना में महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया है और इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा.
राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस तरह तीन कृषि कानूनों को जन आंदोलन के बाद वापस लेना पड़ा था, उसी तरह एक दिन सरकार को यह कानून भी वापस लेना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार लोगों की बात नहीं सुनेगी, तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी और विपक्ष इस कानून के खिलाफ संघर्ष करता रहेगा.
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गांधी जी का नाम हटाना गलत है और राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उनके अनुसार, नाम बदलने से गरीब मजदूरों की हालत नहीं सुधरती, बल्कि असली जरूरत है कि उन्हें सही समय पर काम और मजदूरी मिले.
कुछ दलों ने आंशिक समर्थन के साथ सवाल भी उठाए. अन्नाद्रमुक सांसद एम. थंबीदुरई ने कहा कि उनकी पार्टी विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन केंद्र और राज्यों के बीच 60-40 खर्च के बंटवारे पर फिर से विचार होना चाहिए. बीजेडी और वाईएसआरसीपी के सांसदों ने भी कहा कि विधेयक में कई खामियां हैं और इसे संसदीय समिति को भेजा जाना चाहिए था.
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक का जोरदार बचाव किया. उन्होंने कहा कि मनरेगा में कई कमियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए नया कानून जरूरी था. उनका कहना है कि यह योजना ग्रामीण लोगों को ज्यादा रोजगार और बेहतर आजीविका देने में मदद करेगी. उन्होंने विपक्ष पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार का मकसद केवल गरीब और ग्रामीण भारत का विकास है.
कुल मिलाकर, विकसित भारत ‘जी राम जी विधेयक (G Ram G Bill)’ एक बड़ा बदलाव लेकर आया है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है. अब असली परीक्षा यह होगी कि यह कानून जमीन पर कितना असर दिखाता है और क्या इससे सच में ग्रामीण मजदूरों का जीवन बेहतर हो पाता है या नहीं. जनता की नजरें अब सरकार के वादों और इस नई योजना के क्रियान्वयन पर टिकी होंगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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