मोदी 3.0 बजट में किस तरह जनता को लाभ मिलने वाला है इसको लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि केंद्रीय बजट में शहरों की तस्वीर बदलने को प्राथमिकता दी गई है. ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय केंद्रीय बजट में नई परियोजाओं और राज्यवार योजनाओं के बजट का रोडमैप तैयार करने में जुट गया है. बजट पेश होने के बाद खुद केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को पुरानी परियोजनाओं को गति देने और नई योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का लक्ष्य दिया. उनके पास हरियाणा का मुख्यमंत्री होने का और इसके अलावा बतौर वित्त मंत्री पांच साल हरियाणा का बजट पेश करने और उसे धरातल पर लागू करने का अच्छा खासा अनुभव है.
वर्ष 2025-26 के केंद्रीय बजट में ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय के कई नए संकल्पों को साकार करने की सार्थक पहल की गई है. इनमें प्रमुख रूप से बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय और परिचालन स्थिरता में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई है. यही नहीं राज्य के भीतर ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाने के लिए विद्युत क्षेत्र में प्रोत्साहन दिया जाएगा. आगामी पांच वर्षों में देश की विकास क्षमता के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने का भी लक्ष्य रखा गया है.
वहीं देश में बैटरियों के निर्माण को गति देने के लिए लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, लेड, जिंक और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट देने का फैसला लिया गया है, इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट में ईवी बैटरी निर्माण के लिए 35 और पूंजीगत वस्तुओं को छूट की सूची में जोड़ने पर भी मंत्रालय ने इसे गति देने की कवायद शुरू कर दी है.
केंद्रीय बजट में परमाणु ऊर्जा और न्यूक्लियर एनर्जी मिशन को प्राथमिकता दी गई है. लिहाजा, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने दोनों संकल्पों को पूरा करने के लिए अधिकारियों को रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं. वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके साथ ही न्यूक्लियर एनर्जी मिशन के शुभारंभ के लिए लघु मॉड्यूलर रिएक्टर अनुसंधान एवं विकास के लिए 20,000 करोड़ आवंटन आवंटित किए गए हैं. वहीं 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी रूप से विकसित लघु मॉड्यूलर रिएक्टर अनुसंधान एवं विकास (एसएमआरएस) को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पूरा करने में ऊर्जा मंत्रालय जुट गया है.
केंद्रीय बजट में शहरों के विकास को गति देने की प्रतिबद्धता जताई गई है. शहरी विकास को बढ़ाने के साथ बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. एक लाख करोड़ के ‘अर्बन चैलेंज फंड’ की स्थापना की गई है, जो शहरों को विकास केंद्र, रचनात्मक पुनर्विकास और जल एवं स्वच्छता जैसी पहलों को लागू करने में मदद करेगा. पीएम स्वनिधि योजना के तहत 30 हजार की सीमा वाले यूपीआई से जुड़े क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे.
केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल का कहना है कि केंद्रीय बजट के संकल्पों को पूरा करने के लिए रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं. शहरीकरण के लाभ हर नागरिक तक पहुंचे बजट में इसकी प्रतिबद्धता जताई गई है. पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजना, जिसने पहले ही 68 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित किया है, अब और अधिक उन्नत बैंक ऋणों की पहुंच को आसान बनाएगी. वहीं बजट 2025-26 शहरी विकास, आवास और बुनियादी ढांचे में परिवर्तनकारी सुधारों को बढ़ाने के साथ ‘विकसित भारत’ की नींव को मजबूत करेगा.
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