परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (AEPC) ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे बाजारों में अच्छी वृद्धि के कारण इस वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान देश का परिधान निर्यात 11.6 प्रतिशत बढ़कर 11.31 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया.
एईपीसी ने कहा कि यह उपयुक्त समय है जब भारत को बढ़ते अवसर का लाभ उठाने, अपनी वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने तथा नए बाजारों में प्रवेश करने की गति तेज करने की जरूरत है.
एईपीसी के अध्यक्ष सुधीर सेखरी ने कहा, “वैश्विक उथल-पुथल और प्रमुख बाजारों से कमजोर मांग के बावजूद परिधान निर्यात में पिछले छह महीनों से मजबूत वृद्धि दर्ज की जा रही है.”
चेयरमैन ने कहा कि भारतीय परिधान निर्यात के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण उत्पाद की बेहतर स्वीकार्यता, बदलते उपभोक्ता रुझानों के प्रति अनुकूलनशीलता, कारखानों का अनुपालन पर ध्यान केंद्रित करना तथा उद्योग अनुकूल नीतियां हैं.
सेखरी ने कहा कि निर्यात मुख्य रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस को बढ़ा है.
इसमें कहा गया है कि भारत टेक्स का आगामी संस्करण उद्योग को एक ऐसा मंच प्रदान करेगा, जो बेहतर सहयोग को संभव बनाएगा और सोर्सिंग नेटवर्क का विस्तार करेगा, साथ ही भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को भी बढ़ावा देगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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