(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
एप्पल भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग को तेज करते हुए अपकमिंग आईफोन 17 (Iphone 17) सीरीज के सभी मॉडल को भारत में तैयार कर रहा है, जिनमें पहली बार हाई-एंड प्रो वर्जन भी शामिल हैं. यह पहली बार है जब कंपनी हर नए आईफोन वेरिएंट का उत्पादन भारत में करेगी. इस कदम को चीन पर निर्भरता कम करने और अमेरिकी टैरिफ जोखिमों से बचाव की कंपनी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, एप्पल ने आईफोन 17 का उत्पादन अपनी पांच लोकल फैक्ट्रियों तक विस्तारित कर दिया है, जिनमें से दो ने अभी-अभी काम करना शुरू किया है. हालांकि, सूत्रों ने पुष्टि की है कि तकनीकी दिग्गज द्वारा प्रो मॉडल की कम यूनिट का निर्माण किए जाने की उम्मीद है.
तमिलनाडु के होसुर में टाटा समूह का नया प्लांट और बेंगलुरु हवाई अड्डे के पास फॉक्सकॉन का बड़ा नया केंद्र इस विस्तार के केंद्र में हैं. एप्पल के प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में तेजी से उभरी टाटा से अगले दो वर्षों के भीतर भारत के लगभग आधे आईफोन उत्पादन को संभालने की उम्मीद है.
फॉक्सकॉन ने बेंगलुरु के पास देवनहल्ली स्थित अपने नए 2.8 अरब डॉलर के प्लांट में आईफोन 17 यूनिट्स का उत्पादन शुरू कर दिया है. यह प्लांट अब चेन्नई यूनिट के साथ-साथ चल रहा है, जो चीन के बाहर फॉक्सकॉन का दूसरा सबसे बड़ी आईफोन फैक्ट्री है. कंपनी ने इस साल शुरुआती झटके से उबरते हुए उत्पादन को सुचारू रूप से चलाने के लिए ताइवान और अन्य स्थानों से विशेषज्ञों को बुलाया.
इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच, भारत से 7.5 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन निर्यात किए गए, जबकि पिछले पूरे वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 17 अरब डॉलर था. मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष मे एप्पल ने भारत में लगभग 22 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन असेंबल किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.
कंपनी द्वारा इस वर्ष उत्पादन को बढ़ाकर 6 करोड़ आईफोन करने की उम्मीद है, जबकि 2024-25 में यह लगभग 3.5-4 करोड़ आईफोन था. एप्पल के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में कंपनी की सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने जुलाई में आय रिपोर्ट के दौरान बताया कि जून 2025 में अमेरिका में बिकने वाले अधिकांश आईफोन भारत में बने थे.
विश्लेषकों का कहना है कि एप्पल के इस बदलाव ने भारत को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है. भारत के अपने स्मार्टफोन बाज़ार में भी एप्पल की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है. 2025 की पहली छमाही में शिपमेंट 21.5 प्रतिशत बढ़कर 59 लाख यूनिट हो गया, जिसमें आईफोन 16 सबसे ज्यादा शिप किया जाने वाला मॉडल बनकर उभरा.
जून तिमाही में, भारत में एप्पल के शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत हो गई. उद्योग विशेषज्ञ बेंगलुरु फैक्ट्री के शुभारंभ और व्यापक विनिर्माण बदलाव को एप्पल की विविधीकरण रणनीति में एक प्रमुख मील का पत्थर मानते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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