शुभांशु शुक्ला और प्रशांत नायर
ISRO Press Conference: 41 साल पहले जब अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष से भारत को देखा था तो उन्होंने कहा था, ‘सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा’. आज, अंतरिक्ष से लौटकर, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने उसी भावना को फिर से जीवंत कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अपने सफल मिशन के बाद, शुभांशु शुक्ला और गगनयात्री प्रशांत नायर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने अनुभव साझा किए. इस दौरान, प्रशांत नायर (Prashant Nair) ने शुभांशु शुक्ला को ‘राम’ और खुद को उनका ‘लक्ष्मण’ बताया, जबकि इसरो के वैज्ञानिकों को ‘हनुमान’ कहकर संबोधित किया.
शुभांशु शुक्ला ने अपने मिशन के बारे में बात करते हुए कहा कि यह पूरे देश का मिशन था और उन्हें इस मिशन पर गर्व है. उन्होंने बताया कि क्रू डैगन में कैसे ट्रैवल करना है, इसे लेकर उन्हें बेहतर ट्रेनिंग दी गई थी. इस मिशन पर मेरा काम मिशन पायलट का था और मुझे कमांडर के साथ मिलकर काम करना था. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में रहना एक अनोखा अनुभव था और वहां से भारत की सुंदरता को देखना अद्भुत था.
प्रशांत नायर ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह मिशन न केवल व्यक्तिगत था, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी. उन्होंने इसरो की टीम को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के बिना यह मिशन सफल नहीं हो सकता था. उन्होंने शुभांशु शुक्ला को अपना राम और खुद को उनको लक्ष्मण बताया है. प्रशांत ने कहा कि कुछ महीने बाद दीपावली है. ये वही समय है जब राम अयोध्या आए थे. यहां पर मेरे राम शुभांशु शुक्ला हैं. मैं उनका लक्ष्मण हूं.
आगे प्रशांत नायर ने कहा कि आज हमारे लिए दिवाली है. हमारा स्वागत करने के लिए पूरी देश आगे आया है. मैं भले ही शुभांशु से बड़ा हूं लेकिन अपने इस राम का लक्ष्मण बनने के कभी भी तैयार रहूंगा. आपको याद रखना चाहिए कि राम और लक्ष्मण को वानर सेना की तरफ से मदद मिली थी. यहां हमारी मदद के लिए इसरो थी. इसरो के सभी हनुमान और देवताओं को हमारी तरफ से धन्यवाद. बगैर आपके ये मिशन संभव नहीं था.
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इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने गगनयान मिशन को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि इस मिशन के हर स्तर पर हम तेजी से काम कर रहे हैं और लगभग 80 फीसदी काम पूरा कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि अगले साल मार्च तक 20 फीसदी बाकी काम पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसरो ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है और आगे भी नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है.
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की आईएसएस यात्रा और इसरो की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने एक बार फिर से भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को विश्व के सामने प्रदर्शित किया. शुभांशु शुक्ला के अनुभव और इसरो प्रमुख के बयान ने यह स्पष्ट किया है कि भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है.
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