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नार्थ-ईस्ट को मिलेंगे छह नए गति शक्ति टर्मिनल और नई ट्रेनें, उद्योग और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने असम के लिए छह नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, एक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र और नई ट्रेनों की घोषणा की है. ये परियोजनाएं गुवाहाटी में आयोजित “एडवांटेज असम 2.0 इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर समिट” के तहत शुरू की जा रही हैं.

घोषित छह नए गति शक्ति टर्मिनल चायगांव, न्यू बोंगाईगांव, बिहारा, हिलारा, बैहाटा और रंगजुली में बनाए जाएंगे. इससे क्षेत्र के रेलवे नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और वाणिज्यिक गतिविधियों में तेजी आएगी.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पूर्वोत्तर में पहले से एक वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही है. जल्द ही एक और वंदे भारत एक्सप्रेस गुवाहाटी-अगरतला के बीच चलेगी. इसके अलावा, दो अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी. ये ट्रेनें गुवाहाटी-नई दिल्ली और गुवाहाटी-चेन्नई के बीच चलेंगी.

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

असम में रेलवे इंजन के पुनर्निर्माण के लिए लुमडिंग में एक फैक्ट्री और बोडोलैंड क्षेत्र के बाशबाड़ी में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक वैगन वर्कशॉप बनाई जाएगी.

बोंगोरा (कामरूप) में एक नया “ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC)” भी स्थापित किया जाएगा. इस परियोजना की कुल लागत 120 करोड़ रुपये होगी. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) को “डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी” का दर्जा दिया गया है और इसका एक नया कैंपस जगीरोड में खोला जाएगा.

असम बनेगा सेमीकंडक्टर और डिजिटल हब

असम में जल्द ही एक नया सेमीकंडक्टर प्लांट भी स्थापित किया जाएगा. इससे राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण के क्षेत्र में मजबूती मिलेगी. साथ ही, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को “आईटी हब” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा मिलेगा.

केंद्रीय मंत्री ने पूर्वोत्तर को “भारत के विकास का नया इंजन” बताते हुए कहा कि सरकार यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिकीकरण को मजबूत कर रही है. उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से असम और पूर्वोत्तर में 1,824 किमी नई रेलवे लाइन बिछाई गई है.

अंतरराष्ट्रीय निवेश को मिलेगा बढ़ावा

असम और भूटान के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार नई योजनाओं पर काम कर रही है. इसके तहत असम सरकार ने सिंगापुर, मलेशिया और जापान की 10 सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ समझौते (MoUs) किए हैं. इससे राज्य में अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असम जल्द ही वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का अहम हिस्सा बनेगा. उन्होंने यह भी बताया कि भारत में अब 98% मोबाइल फोन घरेलू स्तर पर बनाए जा रहे हैं. इससे देश की इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है.


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-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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