Bharat Express DD Free Dish

भारत में संस्थागत निवेशक क्षेत्र में 2 वर्षों में 69% वृद्धि, बाजार पूंजीकरण $5.2 ट्रिलियन तक पहुंचा

पिछले दो वर्षों में भारत के संस्थागत निवेशक क्षेत्र में 69% की वृद्धि हुई है. बाजार पूंजीकरण $5.2 ट्रिलियन तक पहुंच गया है. नौकरियों की मांग बढ़ी, जबकि आंतरिक पदोन्नति की दर केवल 17% रही.

Investment
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

भारत के संस्थागत निवेशक क्षेत्र में बीते दो वर्षों में 69% की वृद्धि दर्ज की गई है. CIEL HR सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे मार्केट कैपिटलाइजेशन भी बढ़ा है. पिछले दशक में यह $1.2 ट्रिलियन से $5.2 ट्रिलियन तक पहुंच गया है. इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी 27% तक पहुंच गई है. हालांकि, सीनियर पोजीशन्स में उनकी हिस्सेदारी केवल 14% ही है. इससे साफ है कि नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की मौजूदगी अब भी एक चुनौती बनी हुई है.

रिपोर्ट में टैलेंट मोबिलिटी को लेकर भी अहम जानकारी दी गई है. फंड मैनेजर, पोर्टफोलियो मैनेजर और सीनियर एनालिस्ट जैसे पदों पर केवल 17% पदोन्नति अंदर से होती है, जबकि 83% भर्तियां बाहरी उम्मीदवारों से होती हैं. कंपनियों को अपनी आंतरिक पदोन्नति की प्रक्रिया को मजबूत करने की जरूरत है, जिससे टैलेंट को आगे बढ़ने के बेहतर मौके मिल सकें.

भारत 2030 तक $7 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनेगा

CIEL HR के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन के पांडियाराजन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2030 तक $7 ट्रिलियन तक पहुंचने की राह पर है. अगले पांच वर्षों में 6.1% की ग्रोथ रेट के साथ, भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है.

उन्होंने कहा, “संस्थागत निवेशक क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव हो रहे हैं. नए और पुराने दोनों खिलाड़ी निवेश रणनीतियों और वित्तीय उत्पादों में नवाचार कर रहे हैं. यह सही समय है जब निवेशक भारत और वैश्विक स्तर पर उभरते अवसरों का लाभ उठा सकते हैं.”

टैलेंट की बढ़ती मांग और नौकरी बदलने का ट्रेंड

रिपोर्ट में बताया गया है कि संस्थागत निवेशक क्षेत्र में 25% पेशेवरों ने पिछले एक साल में नौकरी बदली है. इससे पता चलता है कि यह उद्योग कितना प्रतिस्पर्धी और गतिशील है. इस क्षेत्र में पेशेवरों की औसत कार्यकाल केवल तीन वर्ष है, जो उच्च मोबिलिटी को दर्शाता है.

CIEL HR के एमडी और सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा का कहना है कि इस क्षेत्र में योग्य और अनुभवी पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत की आर्थिक वृद्धि को देखते हुए, विदेशों में काम कर रहे भारतीय पेशेवरों की वापसी की संभावना बढ़ गई है. साथ ही, यह क्षेत्र अन्य देशों के पेशेवरों को भी आकर्षित कर सकता है.

इस उद्योग में काम करने वाले पेशेवरों के पास शीर्ष भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस स्कूलों से MBA डिग्री होती है. इसके अलावा, CA और CFA जैसी प्रतिष्ठित प्रमाणन डिग्रियां भी उनके पास होती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे यह क्षेत्र आगे बढ़ेगा, योग्य और प्रतिभाशाली पेशेवरों की मांग और बढ़ेगी.


ये भी पढ़ें- भारत ने गोला-बारूद उत्पादन में 88% आत्मनिर्भरता हासिल की: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read