भारत में बढ़ रहा निवेश
Business News: पिछले कुछ सालों में भारत का व्यापार इकोसिस्टम तेजी से उभर रहा है. हिंदुस्तान में निवेश करने वालों की लाइन लग रही है. डन एंड ब्रैडस्ट्रीट (D&B) ने कुछ समय पहले वैश्विक व्यापार निवेश विश्वास सूचकांक जारी किया था. इसमें बताया गया था कि दुनिया के डाउनफॉल में होने के बाद भी भारत में निवेश विश्वास में ग्रोथ देखी गई है और हिंदुस्तान 32 देशों से आगे निकल गया है. अब खबर आ रही है कि अमेरिका मशहूर रिटेल कंपनी कॉस्टको होलसेल कॉर्पोरेशन (Costco Wholesale Corporation) भारत में अपने ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर खोलने जा रही है. इससे भारत के GCC बाजार में जमकर उछाल आने वाला है.
भारत लगातार तेजी से बढ़ रहे निवेश के क्रम में अमेरिका की मशहूर रिटेल कंपनी कॉस्टको होलसेल कॉर्पोरेशन (Costco Wholesale Corporation) ने भी भारत की ओर कदम बढ़ाया है. कंपनी हैदराबाद में अपना पहला ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर खोलने जा रही है. इस फैसले को भारत में तकनीकी क्षेत्र में बढ़ते विदेशी विश्वास और निवेश के तौर पर देखा जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, यह नया ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) कॉस्टको अपनी तकनीकी और रिसर्च कार्यों को वैश्विक टीमों के साथ मिलकर आगे बढ़ाएगा. शुरुआत में यहां करीब 1,000 पेशेवरों को रोजगार मिलेगा और भविष्य में इसे और विस्तार देने की योजना है.
पहले भारत को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए केवल कम लागत वाले आउटसोर्सिंग केंद्र के रूप में देखा जाता था. वहीं अब यह मॉडल विकसित हो चुका है. आज यहा कई कंपनियों के दैनिक संचालन, वित्तीय प्रबंधन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सहित कई अहम कार्यों हो रहे हैं. भारत में JPMorgan Chase, Walmart, Target जैसे दिग्गज ब्रांड्स बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में अपना ठिकाना बना रहे हैं. हैदराबाद में McDonald’s, Heineken और Vanguard Group जैसी कंपनियां पहले से मौजूद हैं.
नैस्कॉम एंड कंसल्टिंग संस्था Zinnov की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का बाजार साल 2024 में $64.6 बिलियन का था. इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है. साल 2030 तक यह बढ़कर $99 से $105 बिलियन तक पहुंच सकता है. इससे स्पष्ट है कि भारत वैश्विक तकनीकी केंद्रों का पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है.
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इस सेंटर को लेकर कॉस्टको की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह कदम भारत की टेक इकोनॉमी के लिए एक सकारात्मक संकेत है. कॉस्टको का भारत में आना आने वाले समय में और भी कई कंपनियों को आकर्षित कर सकता है. इससे साफ है कि दुनिया को भारत का बाजार पसंद आ रहा है. प्रोडक्शन हो या सर्विस दोनों क्षेत्रों में भारत के कुसल युवा कंपनियों के लिए एसेट साबित हो रहे हैं. इसी कारण लगातार बड़ी-बड़ी कंपनियों यहां आ रही है.
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