बिजनेस

सरकार द्वारा RuPay सब्सिडी खत्म करने से डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री को 600 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका

डिजिटल पेमेंट इंडस्ट्री को लगभग 500-600 करोड़ रुपये का नुकसान होने वाला है, क्योंकि सरकार ने RuPay डेबिट कार्ड पर सब्सिडी समर्थन वापस ले लिया है. इस मामले से जुड़े दो लोगों ने यह जानकारी दी है. बुधवार को जारी कैबिनेट नोट में सरकार ने कहा कि उसने वित्त वर्ष 2025 में केवल छोटे व्यापारियों के लिए UPI भुगतान पर सब्सिडी के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. फिनटेक उद्योग को उम्मीद थी कि आवंटन लगभग 5,500 करोड़ रुपये होगा, जबकि पिछले वर्ष यह 3,681 करोड़ रुपये था.

सरकार UPI और RuPay डेबिट कार्ड पर शून्य-व्यापारी छूट दर (MDR) अनिवार्यता के कारण बैंकों और फिनटेक को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए डिजिटल भुगतान पर सब्सिडी दे रही है. MDR एक शुल्क है जो व्यापारी डिजिटल भुगतान का समर्थन करने के लिए बैंकों को देते हैं. इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि MDR या सरकारी सब्सिडी के बिना ऐसे लेनदेन बैंकों के लिए टिकाऊ नहीं होंगे. एक वरिष्ठ बैंकर ने बताया, “कई बड़े बैंकों ने RuPay डेबिट कार्ड जारी करना लगभग बंद कर दिया है, क्योंकि इन कार्डों पर कोई राजस्व नहीं है, वे अपने खाताधारकों को मास्टरकार्ड और वीज़ा डेबिट कार्ड वितरित कर रहे हैं.”

दूसरे व्यक्ति ने कहा कि RuPay डेबिट कार्ड की कुल हिस्सेदारी मासिक संसाधित कार्ड भुगतान के कुल मूल्य के 30% से भी कम पर स्थिर हो गई है. RBI के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2024 में मर्चेंट भुगतान के लिए लगभग 119 मिलियन डेबिट कार्ड लेनदेन किए गए थे.

इंडस्ट्री अपनी चिंताओं पर वित्त मंत्रालय को लिखेगी पत्र

बुधवार को मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार, फिनटेक इंडस्ट्री, उद्योग निकाय पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से डिजिटल भुगतान के लिए सब्सिडी में भारी कटौती पर अपनी चिंताओं को बताने के लिए वित्त मंत्रालय को पत्र लिखने की योजना बना रहा है और एमडीआर को वापस लाने या आवंटित सब्सिडी राशि बढ़ाने के लिए सरकारी समर्थन की मांग कर रहा है.

एक फिनटेक फर्म के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “डेबिट कार्ड के लिए एमडीआर को लेन-देन राशि के 0.25% पर वापस लाने के लिए उद्योग में आम सहमति है, लेकिन उद्योग के प्रतिनिधि अंतिम निर्णय लेंगे और सरकार को लिखेंगे.”

एक अन्य बैंकर ने कहा कि एमडीआर के बिना डिजिटल भुगतान के लिए घरेलू भुगतान नेटवर्क को आगे बढ़ाने की योजना उल्टी पड़ रही है. बड़े बैंकों ने RuPay डेबिट कार्ड जारी करना लगभग बंद कर दिया है, जो RuPay चलाने वाले नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के लिए एक बड़ा व्यावसायिक अवसर खो गया है.

सरकार के पास बड़े व्यापारियों के लिए MDR वापस लाने का प्रस्ताव है, जिनका वार्षिक GST टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक है एक बैंकर ने कहा, “शायद बड़े व्यापारियों और RuPay डेबिट कार्ड के लिए सब्सिडी को हटाना इस बात का संकेत है कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है और इन भुगतानों पर शुल्क वापस ला सकती है, इसलिए ये टिकाऊ है.”


ये भी पढ़ें: कैबिनेट ने कम मूल्य के BHIM-UPI लेनदेन के लिए 1,500 करोड़ रुपये के इंसेंटिव को दी मंजूरी


-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

Recent Posts

2047 के विकसित भारत में खेल निभाएंगे अहम भूमिका, नई दिल्ली में आयोजित स्पोर्ट्स CSR समिट में बोले दिग्गज

नई दिल्ली के PHD हाउस में आयोजित स्पोर्ट्स CSR Summit में खेल राज्य मंत्री रक्षा…

30 minutes ago

हबीब-उर-रहमान को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, तीन साल से बंद आरोपी की जमानत याचिका ने ठुकराई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सैन्य खुफिया जानकारी लीक करने के आरोपी हबीब-उर-रहमान की जमानत याचिका खारिज…

37 minutes ago

वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा दर्जा देने की मांग, सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने और स्कूलों में इसे अनिवार्य…

43 minutes ago

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; EWS और DG छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए नकद सहायता देने की नीति को दी मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने EWS और DG छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म के बदले नकद सहायता देने…

48 minutes ago

मेगा मिलेनियम के ठिकानों पर ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी, करोड़ों की विदेशी और भारतीय करेंसी बरामद

ईडी ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मुंबई, दिल्ली और महाराष्ट्र के ठिकानों पर…

1 hour ago

अडानी पावर का बड़ा धमाका! दूसरी तिमाही में मुनाफा 142% बढ़कर ₹7,019 करोड़, कमाई में भी जबरदस्त उछाल

अडानी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना…

1 hour ago