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अमेरिका के इशारों पर चलेगा टिकटॉक, क्या है डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच की डील?

US China TikTok Deal: अमेरिका में लंबे समय से चल रही टिकटॉक की जंग आखिरकार खत्म हो गई है. जिस चीनी ऐप पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होने के कारण बैन की तलवार लटक रही थी, उसे अब अमेरिका में चलने की हरी झंडी मिल गई है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने ऐलान किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही इस डील पर साइन करेंगे, जिसके तहत टिकटॉक का ज्यादातर मालिकाना हक और कंट्रोल अमेरिकी निवेशकों के हाथ में होगा. यह समझौता न सिर्फ चीनी ऐप पर लगाम लगाएगा, बल्कि करोड़ों अमेरिकी यूजर्स के डेटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा.

डील के बाद टिकटॉक का ज्यादातर मालिकाना हक अमेरिकियों के पास होगा. इस डील के मुताबिक, टिकटॉक का 80% कंट्रोल अमेरिकी निवेशकों के पास होगा, जबकि बाकी 20% कंट्रोल बाइटडांस और चीन के पास होगा. अमेरिकी यूजर्स के डेटा और सिक्योरिटी की मॉनिटरिंग ओरेकल करेगा और अमेरिकियों का डेटा ओरेकल के सर्वर पर ही स्टोर किया जाएगा.

अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा

ट्रंप प्रशासन ने इस बैन को लागू नहीं किया था, बल्कि टिकटॉक को डील करने का समय दिया था. इसके लिए ट्रंप ने 4 बार डेडलाइन बढ़ाई थी, और अब यह डील लगभग पूरी हो गई है. इस डील से अमेरिका में टिकटॉक तो चलता रहेगा, लेकिन अमेरिका के हिसाब से. अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी फायदा होने की उम्मीद है, जिसमें अगले 4 साल में 178 अरब डॉलर आने की उम्मीद है.

प्रेस सचिव ने दी जानकारी (US control over TikTok)

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि टिकटॉक के एल्गोरिदम को बाइटडांस के नियंत्रण से बाहर, संयुक्त राज्य अमेरिका में सुरक्षित, पुनर्प्रशिक्षित और संचालित किया जाएगा. यह सब इस सप्ताह अंतिम रूप दिए जाने वाले एक समझौते के तहत होगा.

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क्या है टिकटॉक डील? (Donald Trump Xi Jinping TikTok Deal)

  • 80% कंट्रोल अमेरिकी निवेशकों के पास
  • 20% कंट्रोल बाइटडांस और चीन के पास
  • अमेरिकी यूजर्स के डेटा और सिक्योरिटी की मॉनिटरिंग ओरेकल करेगा
  • ओरेकल के सर्वर पर डेटा स्टोर के कारण विदेशी ऐक्सेस नही होगा
  • टिकटॉक के एल्गोरिदम को अमेरिका में फिर से ट्रेंड किया जाएगा
  • एल्गोरिदम पैरेंट कंपनी बाइटडांस से पूरी तरह अलग होगा

अमेरिका ने चीनी कंपनी को किया मजबूर (Future of TikTok in US)

यह डील अमेरिका के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है. एक तरफ जहां अमेरिका में टिकटॉक के करोड़ों यूजर्स को अब इस ऐप का इस्तेमाल करने की आजादी होगी, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उनके डेटा का चीन द्वारा दुरुपयोग न हो. ओरेकल जैसी अमेरिकी कंपनी की मदद से यूजर्स का डेटा अमेरिका में ही स्टोर होगा, और ऐप का एल्गोरिदम भी अब चीन से पूरी तरह से अलग होगा. यह डील दिखाती है कि कैसे अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक चीनी कंपनी को अपने नियमों के अनुसार चलने पर मजबूर किया है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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