Dr Priti Adani at Varanasi: आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति की पावन धरा काशी में आयोजित ‘द वर्ल्ड सिम्पोजियम ऑन एंशिएंट विजडम फॉर मॉडर्न चैलेंजेज’ के उद्घाटन सत्र में अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने आधुनिक चुनौतियों और प्राचीन ज्ञान के समन्वय पर एक सशक्त दृष्टिकोण प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान केवल इसलिए मूल्यवान नहीं है कि वह सदियों पुराना है, बल्कि उसकी असली सार्थकता तब साबित होती है जब वह आज के समय में मानवीय कष्टों, असमानता और संघर्षों के समाधान में काम आए.
इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच से डॉ. प्रीति अदाणी ने समाज सेवा को लेकर अदाणी परिवार और अदाणी ग्रुप की कई बड़ी पहलों का विस्तृत ब्योरा साझा किया. उन्होंने बताया कि अदाणी परिवार ने सामुदायिक कल्याण और संस्थागत विकास के लिए 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि समर्पित करने का संकल्प लिया है.
एक प्रशिक्षित चिकित्सक (डॉक्टर) और तीन दशकों से सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि विकास का असली पैमाना केवल बड़ी इमारतें या अस्पताल खड़े करना नहीं है. अस्पताल की सार्थकता तब है जब वहां आने वाले असहाय मरीज को उम्मीद मिले, और स्कूल की सफलता तब है जब पहली पीढ़ी की छात्रा यह विश्वास कर सके कि उसका भविष्य उसके जन्म की परिस्थितियों का बंधक नहीं है.
#WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh: Dr Priti Adani, Chairperson of the Adani Foundation, gives an address at the World Symposium on Ancient Wisdom for Modern Challenges.
She says, “… Our Prime Minister Narendra Modi chose this holy city as his parliamentary constituency. Under his visionary leadership, Varanasi has become a confluence of cultures and a symbol of India’s growing global presence. We have seen the late Japanese Prime Minister Shinzo Abe experience the holy chants in this city. We have seen the French President Emmanuel Macron take a boat ride along the riverside… Ancient wisdom does not have to remain… It becomes valuable when we discover its relevance to modern-day problems…”
(Source: Adani Group)
— ANI (@ANI) November 2, 2026
उन्होंने कहा कि समाज से जो संसाधन, दौलत या ज्ञान हमें मिलता है, उसे विनम्रतापूर्वक समाज को लौटाना ही भारतीय परंपरा का मूल धर्म है. उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार के लिए समाज की सेवा करना व्यापार से मुनाफा कमाने जितना ही संतोष देने वाला रहा है.
इस संगोष्ठी में संयुक्त राष्ट्र एसडीएसएन (UN SDSN) के अध्यक्ष और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी डी. सैक्स ने भी शिरकत की. उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी (2000 में 5.2% से बढ़कर 2026 में 8.5% और 2100 तक 15.1% अनुमानित) का उल्लेख करते हुए अदाणी ग्रुप को देश के बुनियादी ढांचे के विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ का एक प्रमुख प्रेरक बताया. उन्होंने कहा कि पारिवारिक उद्यमों पर समाज को कुछ लौटाने की एक स्वाभाविक नैतिक जिम्मेदारी होती है.
ये भी पढ़ें: मुकेश अंबानी की पावरफुल एंट्री: रिफाइनिंग से उड़ाया गर्दा, रिलायंस के शेयर ने शेयर बाजार को हिलाया
समारोह में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग हमारे प्राचीन ग्रंथों को डिकोड करने और ज्ञान को जन-जन तक सुलभ बनाने में किया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम व्यवस्था में सुधार…
Priti Adani on PM Modi Varanasi: अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी ने कहा कि…
Andhra Pradesh Viral Story: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में एक मां अपनी 12 वर्षीय…
Brij Bhushan Sharan Singh: गोंडा के नंदनी नगर में आयोजित छात्र संसद कार्यक्रम में शामिल…
IND vs NZ ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला वनडे 4 नवंबर को ऑकलैंड…
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के…