Rupee vs Dollar Today: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का सिलसिला इस हफ्ते भी जारी रहा और उन्होंने करीब ₹4,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने मोर्चा संभालते हुए ₹12,630 करोड़ रुपये की भारी खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती मिली.
इस हफ्ते विदेशी निवेशकों (FIIs) ने बाज़ार से ₹4,000 करोड़ निकाले, जबकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹12,630 करोड़ की भारी खरीदारी कर बाज़ार को संभाला. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाज़ार लगातार चौथे हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुआ. अब आगे बाज़ार की नज़र मानसून की चाल, कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर टिकी है. इस बीच डॉलर में कमजोरी के चलते रुपया भी 22 पैसे मजबूत होकर 95.20 के स्तर पर पहुंच गया.
अगर पिछले महीने यानी जून की बात करें, तो FIIs और DIIs के बीच निवेश का यही रुख देखने को मिला था. जून के महीने में FIIs ने कुल ₹49,030 करोड़ रुपये की चौतरफा बिकवाली की थी. इसके विपरीत, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने बाजार पर भरोसा जताते हुए ₹85,800 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की थी.
बजाज ब्रोकिंग (Bajaj Broking) के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च, पबित्रो मुखर्जी ने बताया कि इस चालू सप्ताह के दौरान शुक्रवार को छोड़कर बाकी सभी दिन FIIs नेट सेलर (बिकवाल) रहे. वहीं, DIIs ने हफ्ते के 5 सत्रों में से 4 में लगातार खरीदारी की, वे सिर्फ शुक्रवार को खरीदार नहीं थे.
पबित्रो मुखर्जी के अनुसार, मजबूत वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई कमी के कारण बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते बढ़त बनाने में कामयाब रहे. उन्होंने बताया कि ब्रेंट ऑयल (Brent Oil) की कीमतें अब उस स्तर तक गिर गई हैं, जो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव (US-Israel war on Iran) शुरू होने से पहले देखा गया था.
बाजार एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में संस्थागत निवेशकों (Institutional Flows) का रुख कई घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा:
बाजार के जानकारों का कहना है कि हालांकि कंपनियों की कमाई घटने के अनुमान और मानसून से जुड़ी महंगाई की चिंताएं अभी बनी हुई हैं, लेकिन बाजार ने इन अनिश्चितताओं को पहले ही भांप लिया है (Priced in). ऐसे में आगे कोई भी सकारात्मक खबर बाजार को ऊपर ले जा सकती है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद इस हफ्ते भारतीय रुपये में शानदार मजबूती देखने को मिली. FIIs की बिकवाली का दबाव कम होने और डॉलर इंडेक्स के 100.50 के नीचे फिसलने के कारण रुपया करीब 22 पैसे मजबूत होकर 95.20 के स्तर पर कारोबार करता दिखा.
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-भारत एक्सप्रेस
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