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Black Monday Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया.

भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते टॉप-10 में से 4 कंपनियों ने 1.43 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा जोड़े, जबकि 6 कंपनियों को 1.23 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. SBI सबसे बड़ा गेनर रहा.

Rupee vs Dollar Today: इस हफ्ते भी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी बिकवाली जारी रखते हुए ₹4,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने मोर्चा संभालते हुए बाजार में ₹12,630 करोड़ का भारी निवेश किया, जिससे बाजार लगातार चौथे हफ्ते बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा.

सोमवार को बाजार खुलते ही चुनाव नतीजों, कच्चे तेल और Q4 रिजल्ट्स का तगड़ा असर दिख सकता है. निवेशकों के लिए यह हफ्ता ‘हाई वोल्टेज’ रहने वाला है, उतार-चढ़ाव के लिए रहें तैयार...

सोमवार से शुरू हुए शेयर बाजार के कारोबारी हफ्ते में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हफ्ते की शुरुआत में बाजार 1000 अंकों तक टूटा, अगले दिन गिरावट के बाद संभलता दिखा, लेकिन हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन फिर से दबाव में नजर आया। बजट से पहले निवेशकों की चिंता और सतर्कता साफ दिखाई दे रही है।

2025 में शेयर बाजार के बड़े इंडेक्स नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं। सेंसेक्स करीब साढ़े 9 फीसदी और निफ्टी 11 फीसदी ऊपर है। लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई बाजार मजबूत है या फिर ये तेजी सिर्फ कुछ चुनिंदा शेयरों की वजह से है? हकीकत ये है कि हर 10 में से 9 शेयर अपने एक साल के ऊंचे स्तर से बुरी तरह टूट चुके हैं। देखते हैं ये तेजी क्यों कही जा रही है खोखली — देखिए खास रिपोर्ट में

भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को सपाट खुला. सेंसेक्स 12 अंक गिरकर 84,379 और निफ्टी 2 अंक कमजोरी के साथ 25,762 पर खुला. लार्जकैप और मिडकैप मजबूत रहे, जबकि स्मॉलकैप में हल्की गिरावट दिखी.

भारतीय बाजार लाल निशान में खुले और शुरुआत से ही सभी प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली. सेंसेक्स में 578 अंकों की गिरावट और निफ्टी में 192 अंकों की कमजोरी रही.

भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में सपाट खुला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 5 अंक की मामूली गिरावट के साथ 85,101 और निफ्टी 2 अंक की कमजोरी के साथ 25,984 पर था.

भारत की अर्थव्यवस्था इस समय रिकॉर्ड गति से बढ़ रही है. G20 सम्मेलन में भारत की सक्रिय भूमिका और बिहार में स्थाई सरकार बनने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.