बिजनेस

‘संकट में ही परख होती है…’, क्लीन चिट के बाद गौतम अडानी ने बताया FPO वापस लेना क्यों था सबसे सही फैसला?

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले और अमेरिकी अदालत (US Court) से आपराधिक मुकदमा (DoJ Case) खारिज होने के बाद, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक संबोधन दिया. ‘अपनी बात, अपनों के साथ’ (Apni Baat, Apno Ke Saath) कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में उन्होंने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों से लेकर अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के केस तक के अपने सबसे चुनौतीपूर्ण दौर को याद किया और बताया कि कैसे ‘मूल्यों और भरोसे’ ने उन्हें इस महा-संकट से बाहर निकाला.

“अधिकारों से ऊपर है भरोसा”

अमेरिकी अदालत द्वारा 10 अगस्त 2026 को केस खारिज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए, अडानी ने कहा कि इस कानूनी जीत ने उन्हें जीत का अहंकार नहीं बल्कि विनम्रता दी है. उन्होंने 20,000 करोड़ रुपये के FPO (Follow-on Public Offer) को वापस लेने के फैसले का जिक्र करते हुए कहा, “कानूनी रूप से हम इसे जारी रख सकते थे, लेकिन भरोसा किसी भी कानूनी अधिकार से बड़ा होता है.” उन्होंने ‘समुद्र मंथन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि संकट इंसान के चरित्र को तय नहीं करता, बल्कि उसकी असली पहचान कराता है.

3 लाख कर्मचारियों और आलोचकों का जताया आभार

700 से अधिक लोकेशंस पर फैले 3 लाख से ज्यादा कर्मचारियों (Adani Parivar) और पार्टनर्स को संबोधित करते हुए, अडानी ने कहा कि जब दुनिया की नजरें कानूनी मुकदमों पर टिकी थीं, तब हमारे कर्मचारियों और पार्टनर्स ने शांति से अपना काम जारी रखा. इसी का नतीजा है कि इस सबसे मुश्किल दौर में भी ग्रुप ने अपना सबसे मजबूत बिजनेस परफॉर्मेंस दिया. उन्होंने उन अनजान लोगों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने मुश्किल वक्त में दुआएं दीं, और साथ ही आलोचकों को भी धन्यवाद दिया, क्योंकि आलोचनाएं हमेशा सुधार का मौका देती हैं.

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‘विकसित भारत’ का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) का जिक्र करते हुए गौतम अडानी ने देश के युवाओं और अपने कर्मचारियों से ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के निर्माण का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना नहीं है, बल्कि ऐसे मजबूत संस्थान (Institutions) बनाना है, जो आने वाली पीढ़ियों तक देश की सेवा करें और एक आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दें.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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