बिजनेस

एक नई विश्व आर्थिक व्यवस्था में भारत सेंटर ऑफ ग्रेविटी के रूप में उभरने के लिए तैयार: आनंद महिंद्रा

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि अमेरिका का डी-ग्लोबलाइजेशन की ओर रुख वैश्वीकरण के एक नए अवतार की ओर जा सकता है, जो बहु-ध्रुवीय, क्षेत्रीय और घरेलू अनिवार्यताओं से प्रेरित है और भारत नए ‘सेंटर ऑफ ग्रेविटी’ में से एक के रूप में उभरने के लिए बेहतर स्थिति में है.

महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए आनंद महिंद्रा ने कहा कि वैश्वीकरण का विकास हो रहा है और अमेरिकी बाजार की केंद्रीयता और चीन-केंद्रित सप्लाई चेन को बहु-ध्रुवीय, क्षेत्रीय सहयोग द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संरचनात्मक और राजनीतिक अनिश्चितताएं अमेरिकी प्रभुत्व को कम करती हैं, वैसे-वैसे वैकल्पिक पूंजी गंतव्य उभर रहे हैं. ग्लोबल सप्लाई चेन चीन से दूर हो रही हैं, जिससे नई व्यापार साझेदारियां बन रही हैं.

महिंद्रा ने बताया कि क्षेत्रीय भागीदारों के बीच कम टैरिफ बाधाएं उभर सकती हैं, जिससे मुक्त व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर ऑफ ग्रेविटी को नया रूप मिलेगा. हाल ही में अमेरिका-चीन टैरिफ वार्ता और ब्रिटेन के साथ मजबूत हुए व्यापार संबंध अमेरिकी व्यापार नीति में एक व्यावहारिकता का सुझाव देते हैं.

उन्होंने कहा, “चीन पर प्रतिबंध और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के लिए उच्च टैरिफ भारतीय वस्तुओं के लिए नए बाजार खोल सकते हैं. संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन इसे हासिल करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान और निजी निवेश में स्पष्ट वृद्धि की आवश्यकता होगी.”

रिन्यूएबल एनर्जी, रक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में उभरते उद्योग

महिंद्रा ने कहा, “तेजी आवश्यक है, क्योंकि फिलीपींस और वियतनाम जैसे देश पहले से ही खुद को फ्यूचर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में पेश कर रहे हैं.” उन्होंने बताया कि रिन्यूएबल एनर्जी, रक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में उभरते उद्योग बन रहे हैं, इसलिए कंपनियां अपनी रणनीतियों को राष्ट्रीय उद्देश्यों के साथ जोड़कर लाभ उठा सकती हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि भारत एक स्थिर लोकतंत्र है, जिसे आम तौर पर एक भरोसेमंद भागीदार माना जाता है और देश एक मजबूत सेना द्वारा समर्थित है, जो राजनीतिकरण से दूर है.

पाकिस्तान को लेकर महिंद्रा ने कहा, “हमारे उत्तेजक पड़ोसी के साथ स्थिति हमेशा अस्थिर होती है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि हम आर्थिक उत्थान के अपने मार्ग को बाधित किए बिना अपनी सहनशीलता की सीमाएं प्रदर्शित कर सकते हैं.”


ये भी पढ़ें: भारत में नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में जबरदस्त उछाल, मई में 29 प्रतिशत का हुआ इजाफा


-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

‘₹500 दो वरना गोली मार देंगे…’: इटावा में रंगदारी न मिलने पर दबंगों ने चलाईं गोलियां, 2 घायल

इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…

4 hours ago

दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा, मुंबई और पुणे से गोरखपुर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…

5 hours ago

अमेरिका का बड़ा फैसला! Infosys-TCS समेत 8 दिग्गज कंपनियां PERM प्रोग्राम से सस्पेंड, H-1B वर्कर्स पर असर संभव

PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…

5 hours ago

UP फतह के लिए BJP-RSS का मास्टरस्ट्रोक, 80 हजार बैठकों के पीछे क्या है प्लान?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…

5 hours ago

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का बड़ा विजन, AI से बदलेगी वॉयस-डेटा सर्विस; 6G में दुनिया को लीड करने का दावा

India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…

6 hours ago

रांची में चौक के नाम पर सियासी बवाल, BJP ने बदला नाम तो कांग्रेस ने रातों-रात उखाड़ा बोर्ड

रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…

6 hours ago