एनडीए नेताओं ने कहा- भारत की GDP 8.2 फीसदी रहने का श्रेय पीएम मोदी का नेतृत्व, 2014 के बाद से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई
वैश्विक अनिश्चितता और यूएस टैरिफ के बीच साल की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया.
भारतीय अर्थव्यवस्था की शानदार बढ़त: 2025-26 के Q2 में 8.2% रही GDP ग्रोथ रेट, खुशी जताते हुए PM मोदी ने कहा- यह बहुत अच्छी बात
GDP Booms: भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल की है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की विकास दर 5.6 प्रतिशत से काफी अधिक है.
वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत: S&P Global
एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) की बुधवार को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
GST 2.0: जीएसटी सुधारों के कारण वित्त वर्ष 2026 में भारत की जीडीपी 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी: रिपोर्ट
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने भी रिपोर्ट में कहा है कि उद्योगों की सक्रिय रणनीतियां, ट्रेड रिरूटिंग और भौगोलिक विविधीकरण भारत को टैरिफ के झटके से उबरने में मदद कर सकते हैं.
फिच ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर किया 6.9 प्रतिशत, घरेलू मांग का रहेगा मजबूत असर
फिच रेटिंग्स के लेटेस्ट ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक के अनुसार, अगले तीन वर्षों में देश 6 प्रतिशत से ऊपर की विकास दर बनाए रखने का अनुमान है.
भारत का केमिकल सेक्टर 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है: नीति आयोग
नीति आयोग ने रिपोर्ट में कहा कि 2030 के लिए विजन यह है कि भारत वैश्विक केमिकल मूल्य श्रृंखला में 5-6 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ वैश्विक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग में महाशक्ति बन जाए.
वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सस्टेनेबल और समावेशी विकास की ओर अग्रसर: HUL चेयरमैन नितिन परांजपे
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के चेयरमैन नितिन परांजपे ने कहा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था सस्टेनेबल और समावेशी विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है.
एक नई विश्व आर्थिक व्यवस्था में भारत सेंटर ऑफ ग्रेविटी के रूप में उभरने के लिए तैयार: आनंद महिंद्रा
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि अमेरिका का डी-ग्लोबलाइजेशन की ओर रुख वैश्वीकरण के एक नए अवतार की ओर जा सकता है और भारत नए 'सेंटर ऑफ ग्रेविटी' में से एक के रूप में उभरने के लिए बेहतर स्थिति में है.
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था सकारात्मक बनी हुई है: वित्त मंत्रालय
रिपोर्ट में कहा गया है, "वित्त वर्ष 25 में वास्तविक जीडीपी में 6.5% की वृद्धि हुई, जो दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुरूप है. यह वृद्धि भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार अनिश्चितताओं से चिह्नित चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बीच हुई."
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में भारतीय बाजारों में तेजी आने की संभावना: मॉर्गन स्टेनली
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में लगातार सुधार के संकेत दिख रहे हैं. सरकारी खर्च बढ़ रहा है और आरबीआई अधिक सहायक या 'शांत' नीति रुख की ओर बढ़ रहा है. यह, मुद्रास्फीति में कमी के साथ मिलकर शेयर बाजार के लिए अच्छा माहौल बना रहा है.





