सांकेतिक तस्वीर.
भारत की जीडीपी बीते 10 वर्षों में दोगुनी हो गई है. देश की अर्थव्यवस्था 2025 में बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो कि 2015 में 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा जारी किए गए डेटा में यह जानकारी दी गई.
अर्थव्यवस्था के तेज गति से बढ़ने के कारण भारत की जीडीपी 2025 में जापान और 2027 में जर्मनी से बड़ी हो जाएगी. आईएमएफ के डेटा में बताया गया कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है और इसकी वजह नीतिगत सुधार और मजबूत आर्थिक वृद्धि है.
इस बीच, चीन ने इसी अवधि में 74 प्रतिशत की प्रभावशाली जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जो 2015 में 11.2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 19.5 ट्रिलियन डॉलर हो गई. हालाँकि, पहले के अनुमान कि चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका से आगे निकल जाएगा, महामारी और चल रही संपत्ति क्षेत्र की चुनौतियों से उत्पन्न आर्थिक प्रतिकूलताओं के कारण साकार नहीं हुआ है.
अमेरिका ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखी. यूएसए की जीडीपी 2015 में 23.7 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 30.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई, जो 28 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्शाती है. एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में धीमी होने के बावजूद, वैश्विक आर्थिक स्थिरता में अमेरिका एक प्रमुख शक्ति बना हुआ है.
इसके अलावा यू.के., फ्रांस, जर्मनी और जापान सहित अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने दशक भर में 6% से 14% तक की मध्यम जीडीपी वृद्धि दर्ज की. अपने अपेक्षाकृत धीमे विस्तार के बावजूद ये राष्ट्र वैश्विक व्यापार और वित्त में महत्वपूर्ण प्रभाव बनाए रखते हैं.
ब्राजील ने शीर्ष दस अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जो 2015 में $2.1 ट्रिलियन से 2025 में $2.3 ट्रिलियन तक केवल 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ है. 2014 के कमोडिटी क्रैश ने देश के आर्थिक संघर्षों को और बढ़ा दिया, जिससे लंबे समय तक मंदी रही. यह COVID-19 महामारी के कारण होने वाले दिक्कतों से और भी जटिल हो गई.
बीजेपी नेता अमित मालवीय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की गई पोस्ट में कहा गया कि विकास की यह गति भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करती है, जो 2025 तक जापान और 2027 तक जर्मनी को पीछे छोड़ देगी.
मालवीय ने आगे कहा कि यह असाधारण उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी सरकार के अथक प्रयासों का प्रमाण है. सक्रिय आर्थिक नीतियों, साहसिक संरचनात्मक सुधारों और व्यापार करने में आसानी पर निरंतर फोकस के माध्यम से मोदी सरकार ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना दिया है.
भाजपा नेता ने कहा कि यह एक ऐसी उपलब्धि जो आजादी के बाद से किसी भी पिछली सरकार को हासिल नहीं हुई थी. इस महीने की शुरुआत में, भारत की विवेकपूर्ण नीतियों की सराहना करते हुए आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा है कि देश का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों को अपनाने में मदद कर सकता है.
आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा कि संरचनात्मक सुधार देश में उच्च-गुणवत्ता की नौकरियां पैदा करने और निवेश के लिए काफी जरूरी हैं. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत को लेबर मार्केट सुधारों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और महिला भागीदारी को लेबर फोर्स में बढ़ाना चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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