बिजनेस

मोदी सरकार ने कमर्शियल कोल-ब्लॉक नीलामी के तहत 3 कोयला ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग ऑर्डर किए जारी

Coal Block Auction: कोयला मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार, मंत्रालय की नॉमिनेटेड अथॉरिटी ने कमर्शियल कोयला ब्लॉक नीलामी के अंतर्गत 3 कोयला ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग ऑर्डर जारी किए हैं. ये ऑर्डर 23 अक्टूबर को जारी किए गए थे.

कोल माइन डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन ब्लॉक के लिए कोल माइन डेवलपमेंट एंड प्रोडक्शन एग्रीमेंट (सीएमडीपीए) पर 21 अगस्त को हस्ताक्षर किए गए थे. मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि राजगामार डिपसाइड (देवनारा), तंगरडीही उत्तर और महुआगढ़ी ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग ऑर्डर जारी किए गए हैं.

इनमें से, 2 ब्लॉक आंशिक रूप से एक्सप्लोर किया गया है, जबकि एक ब्लॉक को पूरी तरह से एक्सप्लोर किया गया है, जिसकी पीक रेटेड क्षमता 1.00 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है.

कोल ब्लॉकों की क्षमता और भूवैज्ञानिक भंडार

इसके अलावा, इन तीन ब्लॉक का जियोलॉजिकल रिजर्व 1,484.41 मीट्रिक टन है. इन तीन ब्लॉक से लगभग 189.77 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने और लगभग 150 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश प्राप्त होने की उम्मीद है. साथ ही इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1352 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

अब तक जारी किए गए वेस्टिंग आदेशों का कुल प्रभाव

कोयला मंत्रालय के अनुसार, कमर्शियल नीलामी के अंतर्गत 130 कोयला ब्लॉकों के लिए वेस्टिंग/आवंटन आदेश जारी किए गए हैं,जिनका पीआरसी संयुक्त रूप से 267.244 मीट्रिक टन प्रति वर्ष है. इससे लगभग 37,700 करोड़ रुपए का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा और साथ ही, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 3,61,301 लोगों को नौकरी के अवसर मिलेंगे.

कोल इंडिया और आईआईटी मद्रास की साझेदारी

इससे पहले हाल ही में कोयला मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया था कि कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) में सेंटर फॉर सस्टेनेबल एनर्जी सेटअप करने के लिए आईआईटी मद्रास के साथ एक एमओयू पर साइन किए.

नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ऊर्जा परिवर्तन

मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यह साझेदारी स्वदेशी रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी विकास के माध्यम से भारत में ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने और 2070 तक देश के नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

भारत के शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम इकोसिस्टम के लिए सरकार का 8 बिलियन डॉलर का पैकेज महत्वाकांक्षा का संकेत: पीएम मोदी

Also Follow Bharat Express on Youtube

आईएएनएस

Recent Posts

सावधान दिल्ली! 1 नवंबर से विंटर लॉकडाउन, क्या हैं सरकार की 5 लक्ष्मण रेखा?

Delhi Winter Action Plan: दिल्ली में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सख्त विंटर एक्शन…

9 minutes ago

अमित शाह के पंजाब दौरे से सियासी हलचल तेज, भाजपा ने मान सरकार पर उठाए सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच राज्य की राजनीति गरमा गई…

40 minutes ago

दशहरे पर गरमाई सियासत: अनिल विज के 5 बड़े बयान, बिजली फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने का ऐलान

Haryana News: हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने विजयादशमी पर विपक्ष पर साधा निशाना.…

40 minutes ago

उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा: पार्थिव शिवलिंग पूजन के बाद दिग्विजय सिंह का ‘धर्म की सियासत’ पर करारा हमला

MP Politics: महाकाल की नगरी उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान…

57 minutes ago

शीतला माता मंदिर हादसे में बढ़ा मौतों का आंकड़ा, एक और घायल ने तोड़ा दम, 16 हुई मृतकों की संख्या

Sheetla Mata Temple Accident: ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे…

57 minutes ago