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PLI स्‍कीम इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए भारत में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देगी बढ़ावा: Lava के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजीव अग्रवाल

भारत में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से इस क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बड़ा मौका मिलेगा, ऐसा मानना है लावा इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक और चीफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफिसर संजीव अग्रवाल का. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, “PLI ने स्मार्टफोन उद्योग को वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद की है. अब मुझे पूरा विश्वास है कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए भी PLI से हम वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं.”

Lava का PLI के लिए योजना पर विचार

संजीव अग्रवाल ने कहा कि लावा कंपनी PLI योजना का मूल्यांकन करेगी जब यह आधिकारिक रूप से घोषित हो जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि लावा पहले ही स्मार्टफोन निर्माण में स्थानीयकरण में अग्रणी रही है और अब इस रणनीति को स्मार्टवॉच निर्माण में भी लागू किया जाएगा. वर्तमान में लावा के स्मार्टवॉच में स्थानीय स्रोतों से कंपोनेंट्स का इस्तेमाल बहुत कम है, लेकिन जैसे-जैसे घरेलू घटक निर्माता बढ़ेंगे, यह धीरे-धीरे बढ़ेगा.

PLI योजना से घरेलू निर्माण को बढ़ावा

केंद्र सरकार ने जनवरी में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए 25,000 करोड़ रुपये की PLI योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य घरेलू निर्माण को बढ़ावा देना और आयात निर्भरता को कम करना है. यह योजना अप्रैल में लागू हो सकती है, और इसमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स (PCBs), कैमरा मॉड्यूल्स, डिस्प्ले सब-एसेम्बली, लिथियम-आयन सेल्स, स्पीकर्स, वाइब्रेटर मोटर्स जैसे कंपोनेंट्स शामिल होंगे. ये सभी कंपोनेंट्स मोबाइल फोन और लैपटॉप के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

वियरबल्स इंडस्ट्री की बढ़ती मांग

इसके अलावा, वियरबल्स इंडस्ट्री, जिसमें स्मार्टवॉच और ट्रू वायरलेस स्टीरियो (TWS) डिवाइसेज शामिल हैं, भी PLI योजना की मांग कर रही है. उनका कहना है कि इस योजना के माध्यम से वे चीन जैसे देशों से आयात को घटा सकते हैं, नये और नवाचारपूर्ण उत्पाद पेश कर सकते हैं और भारत में रोजगार के अवसर भी बढ़ा सकते हैं.

लावा की स्मार्टवॉच रणनीति

लावा स्मार्टवॉच सेगमेंट में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने की योजना बना रही है. अग्रवाल के अनुसार, स्मार्टवॉच बाजार में 10% हिस्सा प्रीमियम उत्पादों का है, जबकि 80-85% हिस्सा मास-मार्केट डिवाइसेज का है. लावा ने प्रीमियम सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को बेहतरीन अनुभव प्रदान किया जा सके.

स्मार्टफोन और वियरबल्स सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने के लिए लावा ने अपनी बैक-एंड कार्यप्रणालियों जैसे डिजाइन, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत किया है. अग्रवाल ने कहा, “हम वही रणनीति स्मार्टवॉच और अन्य वियरबल्स में भी लागू करेंगे, जिससे बेहतर उत्पाद बनाए जा सकें.”

हालांकि, इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत के वियरबल्स शिपमेंट्स में 11.3% की गिरावट आई है, जो स्मार्टवॉच की बिक्री में गिरावट के कारण हुआ.

यह भी पढ़िए: भारत का HVAC उद्योग 6,700 करोड़ रुपये के PLI बूस्‍ट से बड़ी वृद्धि के लिए तैयार

Bharat Express Desk

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