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PLI Scheme

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत के तेजी से विकसित हो रहे मेडिकल टेक्नोलॉजी (मेड-टेक) क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा, आयात पर निर्भरता में कमी और सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के कारण भारत एक भरोसेमंद वैश्विक मेड-टेक साझेदार के रूप में उभर रहा है.

करोड़ों देशवासियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। आज संसद में देश की अर्थव्यवस्था का बही-खाता खुलने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगी। यह मौका कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं। ऐसा करने वाली वे देश की पहली वित्त मंत्री होंगी।

भारत का मोबाइल आयात अब लगभग जीरो हो गया है. 2024-25 में 0.02% रह गया, जो 2014-15 में 75% था. उत्पादन 28 गुना बढ़ा, निर्यात 127 गुना हुआ. PLI योजना से आत्मनिर्भरता की मिसाल देखने को मिली.

केंद्र सरकार की PLI योजनाओं और अन्य नीतिगत प्रयासों के चलते भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन निर्माण में वृद्धि दर्ज की गई है. मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार, भारत अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में वैश्विक भागीदार बनता जा रहा है.

लोकसभा में पेश किए गए ताजा आंकड़े बताते हैं कि हाई-एफिशिएंसी सोलर PV मॉड्यूल्स के लिए लागू की गई इस स्कीम ने न सिर्फ घरेलू उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि अक्टूबर 2025 तक करीब 43,000 नई नौकरियां भी पैदा की हैं.

PLI Scheme In India: भारत की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, सौर ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और निर्यात को नई ऊंचाई दी है. जानें कैसे यह योजना भारत को इंडस्ट्रियल पावरहाउस बना रही है.

संसद में मंगलवार (19 अगस्त) को दी गई जानकारी के अनुसार, उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत अब तक 14 क्षेत्रों में 806 आवेदनों को मंजूरी दी गई है.

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में एफडीआई बढ़कर 81 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर है. सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में विदेशी निवेश और बढ़ेगा.

भारत सरकार की नीतियों और रणनीतिक निवेशों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव आ रहा है. डिजिटल तकनीक, कुशल श्रमशक्ति और वैश्विक निवेश के साथ भारत बन रहा है दुनिया का अगला मैन्युफैक्चरिंग हब.

Chinese Investment in India: भारत सरकार चीन से आने वाले एफडीआई प्रस्तावों की सख्त समीक्षा करेगी, जिससे चीनी कंपनियों के निवेश प्रोजेक्ट्स में देरी हो सकती है. यह कदम हालिया सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है.