बिजनेस

अडानी पोर्ट्स की रेटिंग बढ़ाकर ‘BBB’ की, भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर पहुंची कंपनी

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) को बड़ी सफलता मिली है. वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) ने कंपनी की लंबी अवधि की क्रेडिट रेटिंग और सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की रेटिंग ‘BBB- (Better Business Bureau)’ से बढ़ाकर ‘BBB’ कर दी है. साथ ही एजेंसी ने कंपनी के लिए ‘स्टेबल’ आउटलुक भी बनाए रखा है. इस अपग्रेड के बाद APSEZ की रेटिंग अब भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर हो गई है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है.

कैश फ्लो और वित्तीय अनुशासन बने प्रमुख आधार

S&P के अनुसार, APSEZ की मजबूत नकदी सृजन क्षमता, संतुलित वित्तीय प्रबंधन और बड़े निवेश कार्यक्रम के बावजूद स्वस्थ ऋण अनुपात बनाए रखने की क्षमता इस रेटिंग वृद्धि की मुख्य वजह हैं। एजेंसी का मानना है कि कंपनी का विविधीकृत पोर्ट और लॉजिस्टिक्स पोर्टफोलियो भविष्य में भी स्थिर आय और मजबूत परिचालन प्रदर्शन सुनिश्चित करेगा।

2030 तक एक अरब टन का लक्ष्य

कंपनी घरेलू बंदरगाहों की कुल क्षमता को मौजूदा 653 मिलियन टन से बढ़ाकर 2030 तक एक अरब टन करने की दिशा में काम कर रही है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले वर्षों में पूंजीगत निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जाएगी. S&P के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 और 2028 में कंपनी का वार्षिक पूंजीगत व्यय लगभग 18,000 करोड़ रुपये तथा वित्त वर्ष 2029 में 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. इससे पहले यह औसतन करीब 13,000 करोड़ रुपये रहा है.

सीईओ ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्वनी गुप्ता ने कहा कि भारत की सॉवरेन रेटिंग के समान स्तर हासिल करना कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल, विश्वसनीय नकदी प्रवाह, उच्च गुणवत्ता वाली अवसंरचना परिसंपत्तियों और वित्तीय अनुशासन का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऐसे समय मिली है जब कंपनी वैश्विक पोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के सबसे बड़े विस्तार कार्यक्रमों में से एक को आगे बढ़ा रही है.

पहले भी मिल चुकी है अंतरराष्ट्रीय मान्यता

इससे पहले जनवरी 2026 में जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने APSEZ को ‘A-Stable’ रेटिंग प्रदान की थी. यह उन चुनिंदा भारतीय कॉरपोरेट कंपनियों में शामिल होने की उपलब्धि थी, जिन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी से देश की सॉवरेन सीमा के बराबर या उससे ऊपर स्तर की रेटिंग मान्यता मिली है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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