भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अपनी बढ़त को बरकरार रखते हुए कारोबार का अंत नई ऊंचाइयों पर किया. वैश्विक और घरेलू कारकों के बीच निवेशकों की निगाहें अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण और तीसरी तिमाही (Q3) के परिणामों पर टिकी हुई हैं.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 300 अंकों की बढ़त के साथ 65,800 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 90 अंकों की तेजी के साथ 19,500 के करीब पहुंच गया. बैंकिंग, आईटी, और मेटल सेक्टर में शानदार प्रदर्शन के कारण बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला.
1. सेंसेक्स में बढ़त:
आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस और टाटा स्टील ने सबसे ज्यादा योगदान दिया.
2. निफ्टी में चमक: अदानी एंटरप्राइजेज, इंफोसिस और टीसीएस में निवेशकों का रुझान दिखा.
– अमेरिकी शेयर बाजार में मजबूती के संकेत मिले हैं, जहां डाओ जोंस और नैस्डैक लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं.
– फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि को लेकर नरम रुख की उम्मीदें बाजार को सहारा दे रही हैं.
– दिसंबर में भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI) 4.8% पर रही, जो आरबीआई के अनुमान से बेहतर है.
– विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार में निरंतर निवेश ने भी सकारात्मक माहौल बनाया है.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शपथ ग्रहण समारोह पर दुनिया भर के निवेशकों की नजरें टिकी हैं. यह देखा जाएगा कि ट्रंप अपनी नीतियों में क्या रुख अपनाते हैं, खासकर भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए. उनकी ट्रेड और टैक्स नीतियों का असर भारतीय कंपनियों और आईटी सेक्टर पर हो सकता है.
भारतीय कंपनियों के Q3 (अक्टूबर-दिसंबर) तिमाही के परिणाम इस सप्ताह जारी होने वाले हैं.
– आईटी सेक्टर: इंफोसिस और टीसीएस जैसी कंपनियों ने पहले ही शानदार परिणाम दिखाए हैं.
– बैंकिंग सेक्टर: आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के प्रदर्शन पर नजर रहेगी.
– ऑटो सेक्टर: मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स के परिणाम बाजार को नई दिशा दे सकते हैं.
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि बाजार में तेजी के बावजूद वैश्विक अस्थिरता का जोखिम बना हुआ है. ट्रंप की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों, और अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन पर ध्यान देना जरूरी होगा.
– लंबी अवधि: आईटी और बैंकिंग शेयरों में निवेश फायदेमंद हो सकता है.
– कम अवधि: मेटल और फार्मा सेक्टर में तेजी से लाभ उठाया जा सकता है.
भारतीय शेयर बाजार में जारी तेजी ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है. सेंसेक्स और निफ्टी के प्रदर्शन के साथ निवेशकों की निगाहें अब ट्रंप की शपथ और Q3 परिणामों पर हैं, जो बाजार को नई दिशा देंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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