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मोदी सरकार में 6 वर्षों में बेरोजगारी दर 6% से घटकर 3.2 प्रतिशत हुई, मुद्रास्फीति रिकॉर्ड निचले स्तर पर: वित्त मंत्री सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (21 जुलाई) को संसद को बताया कि सरकार ने देश में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) को छह वर्षों में 6 प्रतिशत से घटाकर 3.2 प्रतिशत करने और महंगाई को छह वर्षों के निचले स्तर पर लाने के लिए कई उपाय किए हैं.

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री ने बताया कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, साथ ही सस्टेनेबल रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है और विशेष रूप से गरीबों और युवाओं के बीच घरेलू आय में सुधार किया जा रहा है.

इनमें, अन्य बातों के अलावा, आवश्यक खाद्य वस्तुओं के लिए बफर स्टॉक में वृद्धि, खुले बाजार में खरीदे गए अनाज की रणनीतिक बिक्री, कम आपूर्ति के दौरान आयात और निर्यात प्रतिबंधों की सुविधा, चुनिंदा वस्तुओं की बाजार में अधिक आपूर्ति बढ़ाने के लिए स्टॉक सीमा का कार्यान्वयन, भारत ब्रांड के तहत चुनिंदा खाद्य वस्तुओं की रियायती दरों पर खुदरा बिक्री, और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग 81 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न वितरण शामिल हैं.

2025-26 की पहली तिमाही में सीपीआई औसतन 2.7% तक गिरी

इसके अलावा, वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय (और मानक कटौती वाले वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए 12.75 लाख रुपए) को आयकर से छूट देकर लोगों को राहत दी और बचत में वृद्धि की है.

उन्होंने बताया कि विभिन्न उपायों के परिणामस्वरूप, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई औसत खुदरा मुद्रास्फीति दर सालाना आधार पर 2023-24 में 5.4 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 4.6 प्रतिशत हो गई, जो पिछले छह वर्षों में सबसे कम है.

इसके अलावा, 2025-26 की पहली तिमाही में सीपीआई औसतन 2.7 प्रतिशत तक गिर गई, जो जून 2025 में 2.1 प्रतिशत पर समाप्त हुई. उन्होंने आगे कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट 2025-26 की पहली तिमाही तक जारी रही और जून 2025 में (-) 1.06 प्रतिशत के साथ नकारात्मक क्षेत्र में पहुंच गई, जो जनवरी 2019 के बाद सबसे कम है.

रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए उठाए गए कई कदम

वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण उपायों के अलावा, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना, उद्योगों को रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन, राष्ट्रीय शहरी/ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, कौशल विकास योजना आदि जैसे विभिन्न रोजगार सृजन और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि विभिन्न उपायों के परिणामस्वरूप, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों (सामान्य स्थिति के अनुसार) के लिए अखिल भारतीय वार्षिक बेरोजगारी दर 2017-18 के 6 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 3.2 प्रतिशत हो गई.


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–भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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