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Budget 2025: युवाओं को सरकार से क्या हैं उम्मीदें? क्या महंगाई-बेरोजगार से मिलेगी निजात?

India Budget 2025: हर साल की तरह इस बार भी भारत सरकार के बजट पर युवा वर्ग की नजरें टिकी हुई हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन एक फरवरी को आम बजट पेश करने जा रही हैं, और उससे पहले युवाओं ने अपनी अपेक्षाएँ व्यक्त की हैं. युवाओं के लिए महंगाई, टैक्स और रोजगार जैसे मुद्दे अहम हैं, साथ ही वे सरकार से ऐसे फैसलों की उम्मीद कर रहे हैं जो देश के भविष्य को सशक्त बना सकें.

महंगाई और टैक्स पर युवाओं की राय

20 वर्षीय हर्षिता ने महंगाई और टैक्स पर अपनी चिंता व्यक्त की. उनका कहना था, “सरकार को युवाओं को मुफ्त की रेवड़ी से दूर रखना चाहिए. हमें काम करने की आदत डालने दीजिए, क्योंकि बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता.” हर्षिता का यह भी मानना था कि यदि सरकार अधिक मुफ्त की चीज़ें देती है, तो युवा वर्ग पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है.

22 वर्षीय नेहा चावला ने भी महंगाई को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा, “खाने-पीने की चीज़ों पर जीएसटी का बोझ ज्यादा है, जिसे कम किया जाना चाहिए.” उनके अनुसार, रोज़मर्रा की चीज़ों पर कम टैक्स होना चाहिए ताकि गरीबों पर दबाव कम हो.

रोजगार, उद्योगों पर ध्यान देना जरूरी

नेहा वर्मा ने रोजगार के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा, “सरकार को रोज़गार सृजन पर ध्यान देना चाहिए, ताकि युवाओं के पास अवसर हो और वे देश के विकास में योगदान कर सकें.” वहीं, 25 वर्षीय लखविन्दर ने कहा, “यदि हाइवे और कारख़ाने बनेंगे तो टैक्स देना पड़ेगा, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम आदमी पर ज्यादा बोझ न डाला जाए.”

महंगाई पर जल्‍द काबू पाना होना

24 वर्षीय सीमा सिंह ने महंगाई पर काबू पाने की आवश्यकता जताई. उन्होंने कहा, “खाने-पीने की चीजों पर अधिक टैक्स क्यों लगाया जा रहा है? सरकार को महंगाई पर ध्यान देना चाहिए.”

आर्थिक नीतियों पर युवाओं की समझ

एक पीआर कंपनी चलाने वाली राजश्री सिंह ने आर्थिक नीतियों के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “हमें सरकार के सख्त फैसलों से डरने की बजाय, देश के विकास में खुलकर योगदान देना चाहिए.” उन्होंने टैक्स चोरी को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

युवाओं का मानना है कि बजट में ऐसे फैसले होने चाहिए जो देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ उनके भविष्य को भी सुरक्षित बना सकें. सरकार पर इस बार दबाव है कि वह जनभावनाओं के अनुरूप बजट प्रस्तुत करें.

  • भारत एक्सप्रेस
Dev Nath, Special correspondent

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