बिजनेस

Ananya Birla कौन हैं जो कॉरपोरेट जगत की नई पहचान बन गईं, देश की इस बड़ी कंपनी का कर लिया अधिग्रहण

Ananya Birla: भारतीय कॉरपोरेट दुनिया में अनन्या बिड़ला (Ananya Birla) का नाम इन दिनों चर्चा में है. वजह है उनकी कंपनी स्वतंत्र माइक्रोफिन का एक बड़ा सौदा. अनन्या की कंपनी ने चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण पूरा कर लिया है.

यह कंपनी फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक सचिन बंसल की है. इस डील की कीमत 1,479 करोड़ रुपये रही. इस अधिग्रहण के बाद स्वतंत्र माइक्रोफिन देश की दूसरी सबसे बड़ी एनबीएफसी-एमएफआई (माइक्रोफाइनेंस कंपनी) बन गई है.

बिजनेस के साथ समाजसेवा भी

अनन्या बिड़ला, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे और सैईद बिजनेस स्कूल से की है. अनन्या एक कामयाब बिजनेसवुमन के साथ-साथ एक सामाजिक उद्यमी भी हैं. उनका सपना है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना. स्वतंत्र माइक्रोफिन इसी दिशा में उनकी सबसे अहम पहल है.

2018 में रखी थी नींव

स्वतंत्र माइक्रोफिन की शुरुआत 2018 में हुई थी. इस कंपनी का मकसद है ग्रामीण और छोटे शहरों की महिलाओं को छोटे लोन देकर आर्थिक मदद देना. महिलाएं इन लोन से अपना छोटा कारोबार शुरू कर सकती हैं. कंपनी 19.75% से 24.25% तक ब्याज पर लोन देती है. इसके अलावा, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों) को भी लोन दिया जाता है, जिसकी ब्याज दर करीब 23% है. खास बात यह है कि कंपनी लोन की रकम सीधे ग्राहकों के बैंक खाते में भेजती है.

चैतन्य इंडिया का अधिग्रहण

अगस्त 2024 में स्वतंत्र माइक्रोफिन ने चैतन्य इंडिया को खरीदने की घोषणा की थी. यह कंपनी नवी ग्रुप की सब्सिडियरी है, जिसकी शुरुआत सचिन बंसल ने फ्लिपकार्ट से अलग होने के बाद की थी. यह डील स्वतंत्र माइक्रोफिन के लिए एक बड़ा कदम साबित हुई. अधिग्रहण के बाद कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 13,000 करोड़ रुपये हो गई है. इससे कंपनी को क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण के बाद दूसरा स्थान मिला.

मिशन को मिलेगा और बल

अनन्या बिड़ला ने इस डील की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर दी. उन्होंने लिखा कि यह अधिग्रहण उनके मिशन को और मजबूत करेगा. उनका लक्ष्य है – देश के हर कोने में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना. अब कंपनी ज्यादा महिलाओं तक अपनी सेवाएं पहुंचा सकेगी.

इस अधिग्रहण ने सिर्फ बिजनेस की दुनिया में अनन्या की छवि को और मजबूत किया है, बल्कि यह महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गया है. स्वतंत्र माइक्रोफिन का फोकस ऐसी महिलाओं पर है जो पारंपरिक बैंकिंग से वंचित रहती हैं. कंपनी उन्हें न सिर्फ लोन देती है, बल्कि वित्तीय साक्षरता और बिजनेस स्किल्स की जानकारी भी देती है.

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-भारत एक्सप्रेस 

निहारिका गुप्ता

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