बिजनेस

Year-ender 2024: ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड्स का AUM लगभग 29% बढ़कर 67.81 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर

2024 में ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड्स का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 29% बढ़कर 52.44 लाख करोड़ रुपये (जनवरी) से 67.81 लाख करोड़ रुपये (नवंबर) हो गई. इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का रहा.

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का प्रदर्शन

इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का AUM 2024 में 35% बढ़ा. यह जनवरी में 22.50 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में बढ़कर 30.35 लाख करोड़ रुपये हो गया. 11 इक्विटी फंड श्रेणियों में सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स ने सबसे अधिक 70% की वृद्धि दर्ज की. इन फंड्स का AUM जनवरी में 2.71 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में बढ़कर 4.61 लाख करोड़ रुपये हो गया.

  • मल्टी कैप फंड्स ने 51% की वृद्धि दर्ज की.
  • लार्ज और मिड कैप फंड्स का AUM 38% बढ़कर 1.94 लाख करोड़ रुपये (जनवरी) से 2.68 लाख करोड़ रुपये (नवंबर) हो गया.
  • मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स ने क्रमशः 34% और 32% की वृद्धि दर्ज की.

अन्य स्कीमों का प्रदर्शन

इंडेक्स फंड्स, ETFs और गोल्ड ETF की संपत्ति 28% बढ़ी. इनका AUM जनवरी में 8.83 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में 11.29 लाख करोड़ रुपये हो गया.

  • गोल्ड ETFs में 59% की वृद्धि हुई.
  • इंडेक्स फंड्स ने 34% की वृद्धि दर्ज की.
  • अन्य ETFs में 25% और फंड्स ऑफ फंड्स (ओवरसीज) में 11% की वृद्धि हुई.

हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स का प्रदर्शन

हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स का AUM 27% बढ़ा. जनवरी में यह 6.90 लाख करोड़ रुपये था, जो नवंबर में बढ़कर 8.77 लाख करोड़ रुपये हो गया.

  • मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने 69% की वृद्धि दर्ज की. इनका AUM जनवरी में 60,324 करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर में 1.01 लाख करोड़ रुपये हो गया.
  • इक्विटी सेविंग फंड्स का AUM 53% बढ़ा.
  • अरबिट्राज फंड्स और डायनेमिक एसेट एलोकेशन/बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स ने क्रमशः 37% और 19% की वृद्धि दर्ज की.
  • एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स में 16% और कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड्स में 8% की बढ़ोतरी हुई.

डेट और सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स का प्रदर्शन

डेट म्यूचुअल फंड्स और सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स का AUM 22% बढ़ा.

  • लॉन्ग ड्यूरेशन फंड्स का AUM 76% बढ़कर 11,057 करोड़ रुपये (जनवरी) से 19,444 करोड़ रुपये (नवंबर) हो गया.
  • मनी मार्केट फंड्स का AUM 64% बढ़ा, जबकि गिल्ट फंड्स में 56% की वृद्धि हुई.
  • लिक्विड फंड्स में 23% और अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स में 21% की वृद्धि दर्ज की गई.
  • हालांकि, क्रेडिट रिस्क फंड्स का AUM 11% घटा.
  • फ्लोटर फंड्स में 7%, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स में 3%, और बैंकिंग एवं PSU फंड्स में 2% की गिरावट देखी गई.
  • सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स में, रिटायरमेंट फंड्स का AUM 24% और चिल्ड्रन फंड्स का AUM 20% बढ़ा.

Note: यह विश्लेषण केवल जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने लक्ष्यों, निवेश अवधि, और जोखिम लेने की क्षमता को ध्यान में रखें.


ये भी पढ़ें- देश में पहली बार सेवा निर्यात माल निर्यात से आगे, सॉफ्टवेयर सर्विस का 70% खरीददार अमेरिका


-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

‘ई कुत्ता का कहीं जगह था…’, अनंत सिंह ने फिर नीरज कुमार को हड़काया

Anant Singh Vs Neeraj Kumar: पटना स्नातक सीट के एमएलसी चुनाव में बाहुबली अनंत सिंह…

18 minutes ago

यूरोपीय टैक्स का तोड़ बना भारत का ‘कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग सिस्टम’, निर्यातकों को मिलेगी बड़ी राहत

भारत में अक्टूबर से देश का पहला कार्बन मार्केट शुरू होने जा रहा है. इससे…

18 minutes ago

अदियाला जेल में आधी रात डॉक्टरों की एंट्री! इमरान की हालत गंभीर या पाकिस्तान में कोई बड़ी साजिश?

Pakistan News: पाकिस्तान में इमरान खान के खिलाफ शिकंजा और कसा! अदियाला जेल में डॉक्टरों…

28 minutes ago

रॉकेट नहीं, मिसाइल नहीं… यमन में 38,000 टोयोटा ट्रकों की एंट्री से दुनिया भर में हड़कंप

Yemen War: मिसाइलों के बाद अब ट्रकों से महा-जंग की तैयारी? यमन पहुंचे 38,000 से…

54 minutes ago

सऊदी के सारे यार क्यों हो गए बेकार, कैसे पाक और तुर्की के धोखे ने निकाल दी MBS की चीखें?

यमन में हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों से घबराए सऊदी अरब ने सीरिया, तुर्किए और…

57 minutes ago