महाकुंभ 2025

महाकुंभ में पहली बार चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए हवा में टेथर्ड ड्रोन तैनात, निगरानी के लिए एक एक्सपर्ट टीम तैनात

महाकुंभ में पहली बार चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए हवा में टेथर्ड ड्रोन (Tethered Drone) तैनात किए गए हैं. हाई रिजॉल्यूशन इमेज, वीडियो और सेंसर डेटा एकत्र करने की क्षमता वाले इस हाई सिक्योरिटी टेथर्ड ड्रोन की नजर से किसी का भी बच पाना नामुमकिन है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यह अत्याधुनिक उपकरण महाकुंभनगर में लगाया गया है. महाकुंभनगर के एसएसपी ने इसकी निगरानी के लिए एक एक्सपर्ट टीम तैनात कर दी है.

महाकुंभनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने इसे पलक झपकते ही अलर्ट मोड में आ जाने वाला नायाब उपकरण बताया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि इस बार के महाकुंभ को अविस्मरणीय बनाया जाए, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक किया जा रहा है.

इस टेथर्ड ड्रोन में हाई रिजॉल्यूशन इमेज, वीडियो और सेंसर डेटा एकत्र करने की अद्भुत क्षमता है. डेटा ट्रांसमिशन के लिए यह बेहद सुरक्षित है और ऊंचाई से महाकुंभनगर की हर छोटी-बड़ी गतिविधियां कैप्चर करने में इसे महारत हासिल है.

पुलिस के लिए तीसरी आंख

महाकुंभनगर की पुलिस के लिए टेथर्ड ड्रोन तीसरी आंख का काम कर रहा है. इससे बच पाना किसी के लिए भी नामुमकिन है. इसके जरिए संगम तट के अलावा अत्यधिक भीड़भाड़ वाले घाटों और प्रमुख स्थलों पर पैनी नजर रखी जा रही है. इसके अलावा मंदिरों और अन्य प्रमुख स्थलों पर नजर रखने के लिए हाई रिजॉल्यूशन कैमरे से लैस इस उपकरण को तैनात कर दिया गया है, जो पलक झपकते ही श्रद्धालुओं से संबंधित अलर्ट अफसरों को जारी कर रहे हैं.

महाकुंभ के दौरान पुलिस पूरे मेला क्षेत्र में 2,750 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करेगी. इसमें आधे से ज्यादा एआई लाइसेंस युक्त कैमरे भी शामिल हैं. एसएसपी महाकुंभनगर राजेश द्विवेदी के अनुसार, इस बार महाकुंभनगर में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद बनाए रखने और किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए हर अधिकारी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है.

कैमरे बहुत दूर तक देख पाने में सक्षम

महाकुंभनगर की महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस बार टेथर्ड ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह एक विशेष प्रकार के कैमरे होते हैं. इन कैमरों को एक बड़े बलून के सहारे रस्सी से बांधकर एक निश्चित ऊंचाई पर तैनात किया जाता है. महाकुंभनगर में इन्हें ऊंचे टॉवर्स पर इंस्टॉल किया जा रहा है. यहीं से ये पूरे मेला क्षेत्र में नजर रख रहे हैं. इन्हें बार-बार उतारना भी नहीं पड़ेगा और ये पूरे मेला क्षेत्र पर अपनी पैनी नजर से निगरानी करने में सक्षम हैं.

टेथर्ड ड्रोन की मदद से कंट्रोल रूम को मेला क्षेत्र की हर एक महत्वपूर्ण फुटेज प्राप्त हो सकेगी. इसके माध्यम से अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां तत्काल पुलिस का प्रबंध किया जा सकता है. वहीं, किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर भी नजर रखी जा सकती है. हाई रिजॉल्यूशन के कारण ये कैमरे बहुत दूर तक देख पाने में सक्षम हैं.


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-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

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