चुनाव

मगध ने बोला, सीमांचल ने चुना- अब फैसला सुनाने को तैयार है ‘शाहाबाद’: कौन बनेगा बिहार का किंगमेकर?

Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव के आज नतीजे घोषित किये जाएंगे. बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में हुए मतदान में सभी दल अपनी जीत की दावेदारी पेश कर रहे हैं. इस चुनाव में एक तरफ महागठबंधन है जो 2005 से चले आ रहे सत्ता के सूखे को खत्म करने की कोशिश में है. तो दूसरे खेमें में एनडीए है, जो किसी भी हालत में बिहार की सत्ता की चाबी अपने हाथों में रखना चाहता है. चुनावी रणनीतिकारों के मुताबिक बिहार के इन तीन क्षेत्रों में जिसकी पकड़ मजबूत रहेगी, उनका ही बिहार में सिक्का चलेगा और वो क्षेत्र हैं मगध, सीमांचल और शाहाबाद. तो आइये जानते हैं कि क्या है यहां का समीकरण और कौन-कौन सी वो सीटें हैं जिसपर जीत का मतलब बिहार की सत्ता है.

बिहार विधानसभा चुनाव में आज 14 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान का रिजल्ट सुनाया जाएगा. पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हुआ था. जिसमें 65.8 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं दूसरे चरण में हुए मतदान ने बिहार के इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई. 11 नवंबर को हुए दूसरे चरण के मतदान में जनता ने 68.74 फीसदी मतदान किया.

शाहबाद के दिल में क्या है?

पहले बात करते हैं बिहार के शाहबाद क्षेत्र की. जहां पर कुल 22 विधानसभा सीटें हैं. इसमें पहले चरण में भोजपुर जिले की 7 और बक्सर जिले की 7 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, वहीं दूसरे चरण में रोहतास की 7 और कैमूर के 4 सीटों पर चुनाव हुए. खास बात ये रही कि पिछले विधानसभा चुनाव में कैमूर और रोहतास जिले में एनडीए का खाता भी नहीं खुल पाया था. इस बार एनडीए यहां पर पड़े जीत के सूखे को खत्म करने की कोशिश करेगी.

राजनीतिक सक्रियता की बात करें तो शाहाबाद में महिला फैक्टर सबसे ज्यादा महत्व रखता है. महिला वोटरों को पारंपरिक रूप से जदयू का माना जाता है, लेकिन 2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने गेम पलट दिया था. इसी क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर आते है. उनका विधानसभा क्षेत्र करहगर है. यह क्षेत्र आर्थिक रूप से मजबूत है और काफी शिक्षित इलाका है. 2020 के विधानसभा चुनाव में इसकी 22 सीटों में से 20 सीटों पर महागठबंधन ने चुनाव जीता था. दो एनडीए को मिली थी और एक पर बसपा ने जीत दर्ज की थी.

क्या कहता है सीमांचल का समीकरण?

बिहार के पूर्वी इलाके को सीमांचल कहा जाता है. सीमांचल के 4 जिलों जिसमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में बंपर वोटिंग हुई है. इस क्षेत्र की खास बात ये है कि यहां पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 40 फीसदी के करीब है. हालांकि इस बार हिंदू मतदाताओं ने भी जमकर मतदान किया है.

पिछली बार सीमांचल में एनडीए ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 24 सीटों में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसी क्षेत्र से महागठबंधन को सबसे बड़ा झटका लगा था. जहां महागठबंधन ने 8 और एआईएमआईएम ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस बार भी सीमांचल किंगमेकर की भूमिका में उतरेगा.

ये भी पढ़ें- Bihar Election Result: बिहार की 10 VIP सीटों पर हाईवोल्टेज मुकाबला! वापसी होगी या उलटफेर – जानिए यहां

मगध का किंग कौन?

मगध क्षेत्र मध्य बिहार में आता है. इस क्षेत्र में 5 जिले आते हैं जो बिहार में सत्ता का समीकरण तय करते हैं. इन जिलों में गया में 10 सीटें, नवादा में 5, अरवल में 2, जहानाबाद में 3 और औरंगाबाद में 6 सीटें आती हैं. मगध क्षेत्र को बिहार की सत्ता की कुंजी कहा जाता है. बिहार का मगध तय करेगा कि बिहार में महागठबंधन आएगा या एनडीए के खाते में फिर सत्ता जाएगी.

2020 के प्रदर्शन की बात करें तो मगध की 26 सीटों में महागठबंधन ने 20 सीटें जीती थी. जबकि एनडीए मात्र 6 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई थी. एनडीए इस बार मगध क्षेत्र में अपनी खोई जमीन वापस पाने के भरपूर कोशिश करेगी.

जातिगत समीकरण की बात करें तो यहां यादव, मुस्लिम, कोईरी, दलित और महादलित जातियों का दबदबा है. कुछ क्षेत्रों में भूमिहार मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है. जिसपर अब आज बिहार के मतदाता अपना फैसला सुनाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

रांची में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का संवाद कार्यक्रम: शिक्षा, सामाजिक समरसता और विकसित भारत पर ज़ोर

प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर ने कहा— “शिक्षा से सशक्तिकरण, संवाद से एकता और समरसता से…

5 hours ago

यूपी में बीजेपी का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: एससी मोर्चा के 95 जिला अध्यक्ष घोषित

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने संगठनात्मक मजबूती के लिए एससी मोर्चा के 95 जिला अध्यक्षों…

6 hours ago

श्री विजयपुरम में नवरात्रि की धूम: उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा पहले ‘डांडिया महोत्सव’ में हुए शामिल, माता दुर्गा के सामने टेका मत्था

अंडमान-निकोबार की राजधानी श्री विजयपुरम के ITF मैदान में प्रथम डांडिया महोत्सव आयोजित हुआ. उपराज्यपाल…

7 hours ago

अंडमान-निकोबार में राज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने किया इंडियन ऑयल के बार्ज ‘MT IRIS’ का लोकार्पण

अंडमान-निकोबार के श्री विजयपुरम में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने इंडियन ऑयल के नए बार्ज…

7 hours ago

सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर भीषण हमला, 12 की मौत और 300 से ज्‍यादा घायल; 11 भारतीय भी चपेट में आए

Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद एयरपोर्ट पर भीषण हमला हुआ.…

8 hours ago