Keralam Election 2026: दक्षिण भारत की सियासत के सबसे अहम राज्य केरलम में विधानसभा चुनाव का बिगुल पूरी तरह से बज चुका है. राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए 890 उम्मीदवार चुनावी रण में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस बार केरलम का मुकाबला सीधा न होकर LDF, UDF और NDA के बीच एक कड़ा ‘त्रिकोणीय संघर्ष’ बन गया है. सत्ता की चाबी हासिल करने और सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को 71 सीटों का बहुमत साबित करना होगा.
केरलम विधानसभा चुनाव में इस बार राज्य के कुल 2.71 करोड़ मतदाता इन 890 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, इन मतदाताओं में 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 थर्ड जेंडर वोटर्स शामिल हैं.
केरलम की राजनीति में इस बार का चुनाव ऐतिहासिक हो सकता है. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) अपने तीसरे लगातार कार्यकाल के लिए प्रयासरत है. केरलम के राजनीतिक इतिहास में अब तक किसी भी दल या गठबंधन ने लगातार तीन बार सत्ता हासिल करने की उपलब्धि प्राप्त नहीं की है. इसके बावजूद, LDF पूरे आत्मविश्वास के साथ एक साहसिक चुनाव लड़ रहा है.
इस चुनाव में जनता के बीच जो मुख्य मुद्दे गूंज रहे हैं, उनमें राज्य से युवाओं का पलायन, बढ़ती बेरोजगारी और भ्रष्टाचार शामिल हैं. इन्हीं तीन प्रमुख मुद्दों को हथियार बनाकर विपक्षी गठबंधन UDF और NDA सत्तारूढ़ LDF को घेरने की कोशिश कर रहे हैं.
इस त्रिकोणीय चुनाव में राज्य की कई सीटें VIP बन गई हैं, जहां दिग्गजों की साख दांव पर लगी है. आइए नजर डालते हैं मुख्य हॉट सीटों पर
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केरलम का यह विधानसभा चुनाव हर मायने में अप्रत्याशित और ऐतिहासिक होने जा रहा है. एक तरफ पिनराई विजयन के सामने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचने का मौका है, तो दूसरी तरफ UDF अपनी वापसी के लिए छटपटा रहा है. वहीं, NDA भी इस त्रिकोणीय मुकाबले में अपनी जमीन मजबूत करने की पूरी कोशिश में है. देखना बेहद दिलचस्प होगा कि केरलम की जागरूक जनता किस गठबंधन के सिर पर सत्ता का ताज पहनाती है.
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