चुनाव

बंगाल में प्रचंड जीत के बाद दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में PM मोदी का बंगाली धोती में संबोधन, बोले- हो गया ‘पोरिबोरतोन’

BJP Bengal Victory 2026: 4 मई 2026 की शाम भारतीय राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आई. पश्चिम बंगाल, असम और पुदुचेरी के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के अगुवाई वाले एनडीए (NDA) की शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे. उन्‍होंने यहां भाजपा की जीत पर संबोधन दिया.

बंगाली धोती में पीएम का ‘सांस्कृतिक’ संदेश

दिल्ली में जीत के जश्न के बीच पीएम मोदी एक खास अंदाज में नजर आए. वह पारंपरिक बंगाली स्टाइल में सिल्क की धोती और सफेद कुर्ता (पांजबी) पहनकर बीजेपी मुख्यालय पहुंचे. उनके गले में एक विशेष सूती दुपट्टा भी था, जिसे बंगाल की संस्कृति से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्यालय में शंख ध्वनियों और “जय श्री राम” के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया.

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल की जीत साधारण नहीं है. उन्होंने इसे जनता की ताकत की जीत बताया और कहा कि बंगाल में अब ‘सोनार बांग्ला’ का सपना सच होने की दिशा में कदम बढ़ेंगे. पीएम मोदी ने अपने भाषण में बिहार की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह गंगा बिहार से बंगाल की तरफ बहती है, वैसे ही जीत की यह लहर भी बिहार से होते हुए बंगाल पहुंची है.

कार्यकर्ताओं के संघर्ष को किया सलाम

पीएम मोदी ने विशेष रूप से बंगाल के उन जमीनी कार्यकर्ताओं का आभार जताया, जिन्होंने सालों तक हिंसा और संघर्ष का सामना किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की यह जीत उन पीढ़ियों के बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने बंगाल में परिवर्तन का सपना देखा था. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार बंगाल के हर नागरिक की सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित रहेगी.

असम और पुदुचेरी में भी जीत का परचम

भाजपा ने सिर्फ बंगाल को ही नहीं जीता, बल्कि असम में भी अपनी सत्ता बरकरार रखी है. असम में ‘एंटी-इंकंबेंसी’ को मात देते हुए पार्टी ने फिर से बहुमत हासिल किया. वहीं पुदुचेरी में भी एनडीए गठबंधन सरकार बनाने की ओर बढ़ गया है. पीएम मोदी ने इन दोनों राज्यों की जनता का भी आभार व्यक्त किया और इसे ‘सुशासन की राजनीति’ की जीत बताया.

इस चुनाव परिणाम ने कई दिग्गजों को चौंका दिया. तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ ने शानदार शुरुआत की और एमके स्टालिन की डीएमके को पीछे छोड़ दिया, खुद स्टालिन अपनी सीट हार गए. हालांकि केरल में पिनाराई विजयन अपनी सत्ता बचाने में सफल रहे, लेकिन बंगाल में ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सत्ता का किला पूरी तरह ढह गया है.

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Bharat Express Desk

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