अब देश के 17 राज्यों में अकेले भाजपा और 22 राज्यों में भाजपा+ की सरकारें हैं.
BJP’s Election Victory: 4 मई 2026 का दिन भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया है. भाजपा ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के दम पर बंगाल में पहली बार सरकार बनाने का गौरव हासिल किया है. पार्टी को यहाँ 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत मिला है. यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि 2021 में भाजपा के पास केवल 77 सीटें थीं, जिसमें इस बार 130 सीटों का भारी इजाफा हुआ है. ममता बनर्जी का अभेद्य किला इस बार मोदी की लहर और अमित शाह की चुनावी बिसात के आगे टिक नहीं पाया.
देश के 22 राज्यों में एनडीए का राज
बंगाल की इस जीत के साथ ही देश के राजनीतिक नक्शे पर भाजपा और एनडीए (NDA) का प्रभाव और अधिक बढ़ गया है. अब देश के कुल 22 राज्यों में एनडीए गठबंधन की सरकारें काबिज हो गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकासवादी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं का असर उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर तक साफ देखा जा रहा है. दूसरी ओर, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन (INDIA Bloc) का दायरा अब काफी कम हो गया है और वह केवल 6 राज्यों तक ही सिमट कर रह गया है.
असम-पुदुचेरी में फिर खिला कमल
केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि असम और पुदुचेरी में भी भाजपा के लिए अच्छी खबर आई है. यहाँ भाजपा ने अपनी सत्ता विरोधी लहर को मात देते हुए शानदार वापसी की है और दोबारा अपनी सरकारें रिपीट की हैं. असम में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में विकास की रफ्तार ने जनता का भरोसा फिर से जीता है, वहीं पुदुचेरी में भी गठबंधन की सरकार ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है. यह दिखाता है कि जनता अब निरंतरता और स्थिर शासन को प्राथमिकता दे रही है.
इंडी अलायंस का सिकुड़ता दायरा
इस चुनाव परिणाम ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. बंगाल जैसा बड़ा राज्य हाथ से निकलने के बाद अब यह गठबंधन मुख्य रूप से केरल (जहाँ उन्हें हालिया जीत मिली है), तमिलनाडु और कुछ अन्य राज्यों तक ही सीमित रह गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के पास अब एकजुट होकर नई रणनीति बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, क्योंकि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा हर बीतते दिन के साथ और अधिक शक्तिशाली होता जा रहा है.
देश का नया परिदृश्य: कहां किसकी सरकार?
वे राज्य, जहाँ अब भाजपा या उसके सहयोगी दलों (NDA) की सरकारें हैं:
क्षेत्र राज्य (जहां भाजपा/NDA की सरकारें हैं)
उत्तर भारत: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़
पश्चिम भारत: गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र (गठबंधन), गोवा
पूर्वोत्तर भारत: असम, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम
पूर्वी भारत: बिहार (गठबंधन), ओडिशा, पश्चिम बंगाल (नया)
दक्षिण भारत: आंध्र प्रदेश (गठबंधन), पुदुचेरी (गठबंधन)
- देश की 78% आबादी और 72+ भू-भाग पर अब BJP+ का राज
चुनाव से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण फैक्ट्स:
वोट प्रतिशत: बंगाल में भाजपा का मत प्रतिशत पहली बार 45% के पार पहुंच गया है, जो टीएमसी के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी को दर्शाता है.
महिला वोटर: ‘लाडली लक्ष्मी’ जैसी योजनाओं की तर्ज पर बंगाल में किए गए वादों ने महिला मतदाताओं को भाजपा की ओर खींचा है.
संगठनात्मक जीत: सुनील बंसल और उनकी टीम द्वारा बूथ स्तर पर की गई ‘1 लाख बैठकें’ इस जीत का मुख्य आधार बनीं.
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