Vijay Thalapathy TVK: तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से ही सिनेमा और जननेता छवि वाले चेहरों के प्रभाव के लिए जानी जाती रही है. एम. जी. रामचंद्रन और जयललिता जैसे दिग्गजों के बाद अब एक बार फिर अभिनेता से नेता बनने और मुख्यमंत्री की राह पर नजर आ रहे हैं विजय थलापति, जिनकी पार्टी TVK 2026 के चुनाव के नतीजों में भारी बहुमत की ओर बढ़ रही है. राज्य की 234 सीटों में से TVK ने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है और पहली बार चुनाव लड़कर जीत हासिल कर रही है.
तमिलनाडु का चुनावी इतिहास लंबे समय से इस बात का गवाह रहा है कि यहां की सत्ता मुख्यत द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच ही घूमती रही है. दशकों से यह द्विध्रुवीय राजनीति राज्य की पहचान बन चुकी थी, जहां किसी तीसरे विकल्प के लिए जगह बनाना बेहद मुश्किल माना जाता था. लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में तस्वीर कुछ अलग नजर आई.
अभिनेता से नेता बने विजय ने अपनी पार्टी TVK के साथ जिस तरह से राजनीतिक मैदान में एंट्री की, उसने पारंपरिक समीकरणों को चुनौती दे दी. 30 मार्च को चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही विजय ने जिस आक्रामक अंदाज में चुनाव प्रचार शुरू किया, उसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. उनकी रैलियों में उमड़ती भीड़ सिर्फ एक फिल्मी स्टार के प्रति दीवानगी नहीं थी, बल्कि उसमें बदलाव की उम्मीद और नई राजनीति की तलाश भी साफ दिखाई दे रही थी.
सोशल मीडिया पर विजय का प्रभाव पहले से ही जबरदस्त था. उनके हर भाषण, हर रोड शो और हर बयान को लाखों-करोड़ों लोगों ने देखा, शेयर किया और उस पर चर्चा की. लेकिन असली ताकत तब दिखी जब यही डिजिटल भीड़ जमीन पर भी उतर आई. रैलियों में उमड़ते जनसैलाब ने यह साफ कर दिया कि यह सिर्फ ‘रील’ की लोकप्रियता नहीं, बल्कि ‘रियल’ जनसमर्थन में बदलती हुई लहर है.
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चुनाव नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल में ‘एक्सिस माय इंडिया’ ने बड़ा दावा किया था. इस सर्वे के मुताबिक तमिलगा वेत्त्री कजगम (TVK) को विधानसभा चुनाव में करीब 98 से 120 सीटें मिल सकती हैं. इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा रहा था कि विजय की पार्टी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है. अब जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वे इस अनुमान को सही साबित करते दिख रहे हैं और टीवीके सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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