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तमिलनाडु की राजनीति में सुपरस्टार विजय बने ‘जन नेता’, रजनी‑कमल की कोशिशें रह गईं अधूरी

Tamil Nadu Result 2026: थलापति विजय ने सिनेमा से राजनीति तक का सफर तय किया है. फिल्मों में सुपरस्टार बनने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके के साथ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में कदम रखा और जनता की उम्मीदों को नया आयाम दिया.

Tamil Nadu Result 2026: साउथ इंडियन सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय का नाम आज सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है बल्कि राजनीति में भी गूंज रहा है. विजय ने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी और धीरे‑धीरे तमिल फिल्मों के सबसे बड़े स्टार बन गए. उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए और उन्हें ‘मास हीरो’ की पहचान दिलाई.

फिल्मी करियर

विजय ने 1990 के दशक से लेकर अब तक तमिल सिनेमा में लगातार हिट फिल्में दी हैं. उनकी फिल्मों की खासियत यह रही कि वे आम जनता की भावनाओं से जुड़ती हैं. चाहे एक्शन हो, रोमांस या सामाजिक मुद्दे, विजय ने हर किरदार को अपने अंदाज में निभाया. उनकी फैन फॉलोइंग सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे भारत और विदेशों में भी फैली.

राजनीति में कदम

सिनेमा में अपार सफलता के बाद विजय ने राजनीति की ओर रुख किया. उन्होंने अपनी पार्टी टीवीके (तमिलगा वेट्ट्री कजगम) बनाई और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में पहली बार मैदान में उतरे. उनकी पार्टी ने चुनावी प्रचार में युवाओं और आम जनता को जोड़ने पर जोर दिया. विजय का कहना रहा कि वे राज्य को भ्रष्टाचार‑मुक्त शासन देना चाहते हैं और लोगों की आवाज को राजनीति में जगह दिलाना चाहते हैं.

जनता की उम्मीदें

विजय के राजनीति में आने से उनके प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है. लोग मानते हैं कि जिस तरह उन्होंने फिल्मों में समाज की समस्याओं को उठाया, उसी तरह राजनीति में भी बदलाव ला सकते हैं. उनके लिए यह सफर आसान नहीं है लेकिन उनकी लोकप्रियता और जनता का भरोसा उन्हें एक मजबूत शुरुआत दिला रहा है.

सुपरस्टार रजनीकांत की कहानी

पोस्ट‑द्रविड़ राजनीति में तमिल सिनेमा के दो बड़े सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रहे. रजनीकांत ने 2017 में राजनीति में आने का ऐलान किया तो उनके फैन क्लब्स ने मिलकर ‘रजनी मक्कल मंद्रम (RMM)’ बनाया लेकिन उन्होंने आध्यात्म और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर बात शुरू कर दी, जो तमिलनाडु में लोगों को बीजेपी‑कांग्रेस की याद दिलाते हैं. इन पार्टियों के साथ राज्य का अनुभव अच्छा नहीं रहा, इसलिए रजनीकांत को अंततः राजनीति में कदम रखने से पहले ही पीछे हटना पड़ा.

कमल हासन की पार्टी

कमल हासन ने 2018 में अपनी पार्टी ‘मक्कल नीधि मय्यम (MNM)’ बनाई. उनके पास विचारों की कमी नहीं थी, लेकिन जमीनी राजनीति से जुड़ाव नहीं दिखा. न तो कोई मजबूत संगठन था और न ही जनता से गहरा रिश्ता. नतीजा यह हुआ कि कमल और रजनी दोनों ही अपने सुपरस्टार दर्जे को राजनीति में भुनाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन जनता ने उन्हें गंभीर विकल्प नहीं माना.

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इसके उलट, विजय ने वह चेहरा पेश किया जो फिल्मी स्टारडम के साथ राजनीतिक जमीन पर भी मजबूती से खड़ा दिखाई दिया. उन्होंने लोगों को यह भरोसा दिलाया कि वे सिर्फ सिनेमा के हीरो नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ भी बन सकते हैं. यही वजह है कि विजय तमिलनाडु की राजनीति में नए ‘जन नेता’ के रूप में उभरते दिख रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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