पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब राज्य में अपनी पहली सरकार के गठन की तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य के नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के स्वरूप को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज (बुधवार) कोलकाता पहुंच रहे हैं. उनके इस अहम दौरे से बंगाल की राजनीतिक फिजा में सरगर्मी बढ़ गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमित शाह ने बंगाल इकाई के किसी भी नेता को दिल्ली आने से रोक दिया है. पार्टी आलाकमान का स्पष्ट संदेश है कि बंगाल में सरकार गठन की पूरी रूपरेखा और सभी अहम चर्चाएं दिल्ली के बजाय सीधे कोलकाता में ही होंगी. कोलकाता पहुंचकर गृह मंत्री प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ अहम बैठकें करेंगे.
इसी दौरान बंगाल भाजपा विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें अमित शाह की मौजूदगी में विधायक दल के नए नेता (यानी मुख्यमंत्री) का चुनाव संपन्न होगा.
भाजपा नेतृत्व ने विधायक दल के नेता के चुनाव और सरकार गठन की इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए अमित शाह को ‘केंद्रीय पर्यवेक्षक’ नियुक्त किया है. वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को ‘केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक’ की अहम कमान सौंपी गई है. अमित शाह बहुत जल्द कोलकाता के लिए रवाना होंगे.
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पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा. राजनीतिक लिहाज से इस तारीख का चयन बेहद खास और सांस्कृतिक महत्व वाला है. बंगाली पंचांग के अनुसार, 9 मई को ही महान कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई जाती है.
गुरुदेव की जयंती के पावन अवसर पर नई सरकार का शपथ ग्रहण करना यह दर्शाता है कि भाजपा अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अस्मिता को नमन करते हुए करना चाहती है. विधायक दल की बैठक के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा.
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