बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) के नतीजे सामने आ चुके है, जिसमें एनडीए ने भारी मतों के साथ जीत हासिल की. एनडीए की जीत के बाद से एक नया विवाद शुरू हो चुका है, जो सोशल मीडया के जरिए फैलता जा रहा है.
दरअसल, बिहार के नतीजों के आने के बाद से अब सोशल मीडिया पर उसके परिणामों को लेकर चौकाने वाला दावा किया जा रहा है. इसमें बताया जा रहा है कि राज्य में कुल 7.42 करोड़ मतदाता थे, लेकिन मतदान के दौरान 7.45 करोड़ लोगों ने मतदान किया. अब इस दावे ने चुनावी धांधली का नाम ले लिया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर लोगों में सवाल पैदा कर दिया है.
असल में एक सोशल मीडिया यूजर ने दावा करते हुए लिखा, ‘ चुनाव आयोग का बिहार में महा घपला? कुल मतदाता 7.42 करोड़, मतदान किया 7.45 करोड़ ने, और कहते हैं ये सिर्फ 66.91% वोटिंग है, तो क्या बिहार में 12 करोड़ मतदाता हैं? #VoteChori #Bihar #biharelection2025’
अब इस दावे को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के अन्य यूजर्स इसी दावे के साथ शेयर कर रहे हैं.
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का मतदान दो चरणों 6 नवंबर औक 11 नवंबर को हुआ था. इसके नतीजे 14 नवंबर को आए, जिसमें बीजेपी को 89, जेडीयू को 85, आरजेडी को 25, एलजेपी(आर) को 19, कांग्रेस को 6 और एआईएमआईएम को 5 सीटें मिली.
चुनाव आयोग की डेटा के अनुसार, राज्य में कुल 7,45,26,858 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 66.91% लोगों ने मतदान किया.
11 नवंबर को जारी किए गए आंकड़े प्रॉविजनल थे, जिसमें सर्विस वोटर्स, पोस्टल बैलेट और टीजी वोटर्स के आंकड़े शामिल नहीं थे. 12 नवंबर को आयोग ने अपडेटेड आंकड़ा जारी किया, जिसमें कुल मतदान प्रतिशत 67.13 था. यानी कि पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 5 करोड़ लोगों ने वोट डाला, जो आधिकारिक आंकड़ों से बिल्कुल मेल खाता है. वहीं चुनाव आयोग के अनुसार 1951 के बाद से राज्य का ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत था.
वहीं, 30 सितंबर को चुनाव आयोग ने SIR के तहत मतदाताओं का आंकड़ा जारी किया था, जिसमें कुल 7.42 करोड़ मतदाता थे.
लेकिन चुनावी नियमों के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक कोई भी योग्य नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकता था, जिसके कारण सितंबर के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ गई.
इसको लेकर आधिकारिक आकड़ा भी जारी किया गया था, जिसमें मतदाताओं की संख्या बढ़कर 7,43,55,976 हो गई थी, जो बाद में चुनाव आयोग के 11 नवंबर के प्रेस नोट के अनुसार 7.45 करोंड़ हो गई.
विवाद को लेकर चुनाव आयोग ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि पंजीकृत मतदाताओं में से केवल 67 फीसदी ने ही वोट डाले थे. बिहार में 7.45 करोड़ लोगों के मतदान का दावा पूरी तरह गलत है.
बिहार चुनाव 2025 में पंजीकृत मतदाताओं से अधिक वोटिंग होने का दावा पूरी तरह फर्जी है. असल में 7.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 67% ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इन तथ्यों से ये बात साफ हो जाती है कि सोशल मीडिया पर इसको लेकर किया जा रहा दावा भ्रमक है
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-भारत एक्सप्रेस
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