हरियाणा में 6 अगस्त से सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की हड़ताल चल रही है. उनकी मांग है कि जो कर्मचारी ठेके पर काम कर रहे हैं उनकी नौकरी को पक्का किया जाए. ऐसे में इसी बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें पुलिसकर्मी बड़ी बर्बरता से एक महिला कर्मचारी को लात मार रहा है. इसी तस्वीर को शेयर कर लोग हरियाणा पुलिस और सरकार से जवाब मांग रहे हैं.
दरअसल, सोशल मीडिया के एक यूजर ने वायरल हो रही तस्वीर को शेयर किया. पोस्ट करते हुए यूजर ने यह लिखा, ‘महिला सम्मान की बात करने वाली पार्टी की पुलिस द्वारा देख लो महिलाओं को कैसे सम्मान दिया जा रहा है. हिसार में महिला सफाई कर्मचारी पर जोर आज़माइश!
यूजर ने सवाल उठाते हुए आगे लिखा कि हरियाणा पुलिस को आखिर हो क्या गया? क्या पुलिस की ट्रेनिंग में कोई नया संशोधन आया है? कभी बुजुर्गों के सिर फोड़ रहे हैं, कभी महिलाओं को लात मार रहे हैं. विरोध प्रदर्शन पर कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन ऐसे पुलिस मुलाजिम पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. किसान पुत्र रविन्द्र काजल.
वायरल हो रही इस तस्वीर का जब बारीकी से देखा गया तो इसमें कई गड़बड़ियां नजर आईं. पुलिसकर्मी की उंगलियां कटी और अजीब दिख रही थीं. वहीं, पास में खड़े एक अन्य पुलिसकर्मी का आधा शरीर ही गायब था.
इसी क्रम में जब तस्वीर को एआई डिटेक्शन टूल से जांचा गया तो मामला पूरी तरह से साफ हुआ. एआई डिटेक्शन टूल्स ने इस तस्वीर के 92 से 99 प्रतिशत तक फर्जी और एआई-निर्मित होने की पुष्टि की.
दरअसल, 1 सितंबर 2026 को हिसार के अर्बन एस्टेट में कचरा उठाने वाली गाड़ियों को निकालने के दौरान पुलिस और हड़ताली सफाई कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प जरूर हुई थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धक्का-मुक्की के दौरान एक एसएचओ की वर्दी खींची गई और एक पुलिसकर्मी ने महिला कर्मचारी को धक्का दे दिया था, जिससे वह गिरते-गिरते बची. इस टकराव में 7 पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई थीं. लेकिन सोशल मीडिया पर दिखाया गया ‘लात मारने’ वाला दृश्य पूरी तरह मनगढ़ंत और तकनीक के जरिए गढ़ा गया था.
बता दें कि हिसार के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धांत जैन ने स्पष्ट किया है कि वायरल फोटो पूरी तरह फेक है. पुलिस ने फर्जी फोटो बनाकर भ्रम फैलाने और माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत एफआईआर दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
इस जांच से यह साफ है कि हिसार में पुलिस और सफाई कर्मियों के बीच झड़प की घटना तो सच है, लेकिन लात मारने वाली वायरल तस्वीर पूरी तरह से एआई से बनाई गई फर्जी फोटो है. इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी तस्वीर और वीडियो पर भरोसा करने से पहले एक बार उसकी जांच जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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