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Dengue Platelets: प्लेटलेट्स कम होते ही घबराएं नहीं, जानें कब पड़ती है चढ़ाने की जरूरत और कौन से लक्षण हैं खतरनाक

Dengue platelet count: बारिश के मौसम में डेंगू के मामले बढ़ने के साथ मरीजों और उनके परिवारों की सबसे बड़ी चिंता अक्सर प्लेटलेट्स को लेकर होती है.ब्लड टेस्ट में प्लेटलेट काउंट कम आते ही कई लोग घबरा जाते हैं और प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत समझने लगते हैं.हालांकि, डेंगू में सिर्फ प्लेटलेट्स की संख्या देखकर मरीज की गंभीरता तय नहीं की जाती.भारत की National Guidelines for Clinical Management of Dengue Fever 2023 में भी मरीज की पूरी क्लिनिकल स्थिति, चेतावनी वाले लक्षण और हेमाटोक्रिट जैसे संकेतकों की निगरानी पर जोर दिया गया है.

बीमारी के क्रिटिकल फेज में रखें नजर

डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकते हैं.राष्ट्रीय गाइडलाइन के मुताबिक बीमारी के क्रिटिकल फेज में प्लेटलेट्स गिरने के साथ हेमाटोक्रिट बढ़ना प्लाज्मा लीक होने का संकेत हो सकता है.यह चरण आमतौर पर बुखार कम होने के आसपास शुरू होता है.इसलिए केवल प्लेटलेट रिपोर्ट के बजाय मरीज की हालत और दूसरे जांच परिणामों को भी देखना जरूरी है.

कम प्लेटलेट्स का मतलब तुरंत ट्रांसफ्यूजन नहीं

प्लेटलेट काउंट कम होने का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को तुरंत प्लेटलेट चढ़ानी पड़ेगी.AIIMS की डेंगू संबंधी सामग्री में भी प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन को मुख्य रूप से ब्लीडिंग की स्थिति से जोड़ा गया है.हालांकि, बहुत कम प्लेटलेट काउंट वाले कुछ मरीजों में डॉक्टर स्थिति के अनुसार प्रोफिलैक्टिक ट्रांसफ्यूजन पर विचार कर सकते हैं.इसलिए यह फैसला डॉक्टर की निगरानी में ही होना चाहिए.

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इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

डेंगू मरीज में लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, अत्यधिक सुस्ती या बेचैनी, नाक या मसूड़ों से खून, खून की उल्टी, काला मल, सांस लेने में परेशानी, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए.ये चेतावनी संकेत बीमारी के गंभीर होने की ओर इशारा कर सकते हैं.

मरीज की निगरानी सबसे जरूरी

डेंगू में पर्याप्त मात्रा में ओरल फ्लूइड लेना, आराम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार CBC व हेमाटोक्रिट की निगरानी करना महत्वपूर्ण है.मरीज को खुद से बार-बार प्लेटलेट टेस्ट कराने या प्लेटलेट चढ़ाने का फैसला नहीं करना चाहिए.डेंगू का इलाज मुख्य रूप से सपोर्टिव और लक्षणों के आधार पर किया जाता है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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