देश

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, डिजिटल मीडिया पर 1,400 से ज्यादा Fake URL ब्लॉक करने के लिए जारी किए निर्देश

सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के दौरान डिजिटल मीडिया (Digital Media) पर 1,400 से ज्यादा यूआरएल (URL) ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए, क्योंकि इनमें झूठी, भ्रामक, भारत विरोधी समाचार सामग्री, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री (मुख्य रूप से पाकिस्तान स्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स से) और भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) के खिलाफ भड़काऊ सामग्री शामिल थी. यह जानकारी बुधवार को संसद को दी गई.

अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में क्या ?

केंद्रीय रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि,

“यह देखा गया कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल, जिनमें से कई भारत के बाहर से संचालित हो रहे थे, पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ Operation Sindoor) के दौरान सक्रिय रूप से झूठी और संभावित रूप से हानिकारक जानकारी का प्रचार कर रहे थे.”

वहीं उन्होंने आगे कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69ए के तहत, सरकार ने भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में वेबसाइट, सोशल मीडिया हैंडल और पोस्ट को ब्लॉक करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए हैं.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आदेश

26 अप्रैल, 2025 को, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया चैनलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही का सीधा प्रसारण न करने का परामर्श जारी किया था.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, अन्तर-अनुशासनिक और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था. यह कंट्रोल रूम दिन के 24 घंटे और सात दिन कार्यरत था और सभी मीडिया हितधारकों को रियल टाइम में सूचना प्रसारित करने में सहायता करता था.

फर्जी खबरें और गलत सूचना फैलाने वाले की जांच-वैष्णव

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि इस कंट्रोल रूम में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के नोडल प्रतिनिधि, विभिन्न सरकारी मीडिया इकाइयों के अधिकारी और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अधिकारी शामिल थे. फर्जी खबरें और गलत सूचना फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल और पोस्ट की सक्रिय रूप से पहचान की गई.

इसे भी पढ़ें- बांके बिहारी मंदिर विवाद: गोस्वामी पक्ष को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, वकील पर एक्शन

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि पीआईबी के अंतर्गत फैक्ट चेक यूनिट ने फर्जी तस्वीरों, एडिटेड वीडियो, भ्रामक बयानों और ऑपरेशन के उद्देश्यों, सरकारी एजेंसियों या सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाली किसी भी छेड़छाड़ की गई सामग्री का पता लगाने के लिए रियल टाइम में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन समाचार स्रोतों की सक्रिय रूप से निगरानी की.

इसे भी पढ़ें-सहारा निवेशकों को अब तक 5,139 करोड़ रुपये किया जा चुका वापस, 31 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा रिफंड प्रोसेस

यूनिट ने भारत और भारतीय सशस्त्र बलों के विरुद्ध पाकिस्तानी दुष्प्रचार का पर्दाफाश किया और ऐसी सामग्री का खंडन करने वाले कई पोस्टों की तथ्य-जांच की. इसके अतिरिक्त, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित भ्रामक सूचनाओं या झूठी खबरों से संबंधित लिंक, जिनकी एफसीयू द्वारा तथ्य-जांच की गई थी, उचित कार्रवाई के लिए संबंधित मध्यस्थों के साथ तुरंत साझा किए गए.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

Recent Posts

पायलट खुद ही प्लेन क्रैश करना चाहता था? सऊदी में हुई इमरजेंसी लैंडिंग, जानें पूरा मामलाम

Israel Plane Hijack: इजराइल के विमान हाईजैक की खबर में अब एक चौंकाने वाला मोड़…

33 minutes ago

₹1.86 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक! भारत को ग्रीन एनर्जी हब बनाने के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज़-III (GEC-III) स्कीम…

49 minutes ago

‘2029 तक पंजाब को बना देंगे नशा-मुक्त’; अमित शाह का बड़ा दावा, जालंधर में AAP सरकार पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जालंधर में BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के…

55 minutes ago

बदायूं में शादी का झांसा देकर बनाया अश्लील वीडियो, फिर वायरल करने की धमकी दी तो युवती ने पी लिया तेजाब

UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने…

1 hour ago

‘टाटा कार की जगह गधा खरीद लेता’, 12 लाख की गाड़ी पर पोस्टर चिपकाकर सड़क पर उतरा मालिक, देखें- VIDEO

Alwar Tata Car Video: राजस्थान के अलवर में एक व्यक्ति ने अपनी टाटा की कार…

1 hour ago