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76वां सेना दिवस आज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM मोदी ने दी शुभकामनाएं, 2024 को ‘प्रौद्योगिकी अवशोषण वर्ष’ के रूप में मनाएगी भारतीय सेना- थल सेनाध्यक्ष

भारतीय सेना के लिए आज का दिन बेहद ही खास है. आज 76वां सेना दिवस है. भारतीय सेना लखनऊ में इसके लिए एक कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. यह दूसरी बार होगा, जब सेना दिवस कार्यक्रम दिल्ली के बाहर आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान सूर्य खेल परिसर में परेड के बाद शौर्य संध्या का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इस आयोजन में मार्शल आर्ट के विभिन्न रूपों सुखोई और किरण विमानों द्वारा फ्लाई पास्ट के साथ-साथ कई सैन्य प्रदर्शन होंगे. वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 15 जनवरी को सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के जवानों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं.

आज के दिन का है ऐतिहासिक महत्व

आज के दिन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए हर साल इसी दिन सेना दिवस मनाया जाता है. आज के ही दिन 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर सेभारतीय सेना की कमान ली थी. फ्रांसिस बुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश सेना प्रमुख थे. वहीं करियप्पा आजाद भारत के पहलेकमांडर-इन-चीफ थे.

थल सेनाध्यक्ष ने दी शुभकामनाए

थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने सोमवार को 76वें सेना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं. सैनिकों को अपने संबोधन में जनरल मनोज पांडे ने देश की सेवा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि “सेना दिवस 2024 के अवसर पर, मैं भारतीय सेना के सभी रैंकों, नागरिक कर्मचारियों, दिग्गजों और उनके परिवारों को अपनी बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. हम अपने उन साथियों को गंभीरता से याद करते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने राष्ट्र और सेना की सेवा में अपना जीवन लगा दिया है. उनका सर्वोच्च बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा.”

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भारतीय सेना वर्ष 2024 को ‘प्रौद्योगिकी अवशोषण वर्ष’ के रूप में मनाएगी

थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सेना वर्ष 2024 को ‘प्रौद्योगिकी अवशोषण वर्ष’ के रूप में मनाएगी – एक विषय जो परिवर्तनकारी परिवर्तन के लिए उत्प्रेरक के रूप में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के सेना के फोकस और प्रयासों को रेखांकित करता है. युद्ध का चरित्र बदलता रहता है. भविष्य के लिए खुद को तैयार करने के लिए, हमने पिछले साल एक समग्र परिवर्तन प्रक्रिया शुरू की है. हमने अच्छी प्रगति की है और कई मील के पत्थर हासिल किए हैं. हमारी क्षमता विकास के प्रयास आत्मानिर्भरता की इमारत पर खड़े हैं.”

Rohit Rai

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