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Aaj Ka Mausam: पिछले कई दिनों से सूरज की तपिश और भीषण लू झेल रहे लोगों के लिए राहत और आफत की मिली-जुली खबर आ रही है. अगर आप भी दोपहर के समय सूनी सड़कों और घरों में कैद होने को मजबूर थे, तो अब खिड़की खोल लीजिए, क्योंकि मौसम का मिजाज पूरी तरह पलटने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 और 31 मई को लेकर एक बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है. देश के ऊपर एक साथ कई वेदर सिस्टम एक्टिव हो गए हैं, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और राजस्थान समेत देश के 19 राज्यों में मौसम बुरी तरह बिगड़ने वाला है.
इस बदलाव से तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को भयंकर गर्मी से निजात मिलेगी. लेकिन, ये राहत अपने साथ आफत भी लेकर आ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलेंगी, बिजली कड़केगी और ओले भी गिर सकते हैं.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आसमान का ये गुस्सा बेवजह नहीं है. इस समय देश के ऊपर एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक कम दबाव का क्षेत्र एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इस त्रिकोण की वजह से उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक, पूरे देश का मौसम अस्थिर हो गया है. मछुआरों को साफ तौर पर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से दूर रहने की हिदायत दी गई है.
देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में अगले दो दिन बेहद उथल-पुथल भरे रहने वाले हैं. 30 मई को दिनभर आसमान में काले बादल डेरा डाले रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होगी. लेकिन असली फिल्म 31 मई को दिखेगी. मौसम विभाग ने रविवार के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे सड़क किनारे लगे बड़े होर्डिंग्स उड़ सकते हैं और पेड़ गिर सकते हैं. कुछ पॉकेट में ओलावृष्टि की भी आशंका है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में इस तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. यूपी के लखनऊ, कानपुर, मेरठ, आगरा, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने का अनुमान है. ऐसे में कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
वहीं बिहार की बात करें तो पटना, गया, पूर्णिया, कटिहार और चंपारण जैसे जिलों में घने बादलों के साथ भारी बारिश का दौर शुरू होगा. बिहार में सबसे बड़ा अलर्ट ‘आसामी बिजली’ (Vajrapat) को लेकर है. मौसम विभाग ने किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों से अपील की है कि जब बादल गरज रहे हों, तो भूलकर भी पेड़ों के नीचे या खुले खेतों में न रुकें.
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के कोटा, झालावाड़, टोंक और सवाई माधोपुर में दोपहर के बाद अचानक मौसम पलटेगा. यहां 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलेगी, जिससे सड़कों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो जाएगी. वाहन चालकों को संभलकर चलने की सलाह दी गई है. मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, पन्ना, रीवा और छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर व सरगुजा में भी ठंडी हवाओं के साथ झमाझम बारिश की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे पारा तेजी से नीचे गिरेगा.
पंजाब और हरियाणा के अमृतसर, लुधियाना, अंबाला और करनाल जैसे इलाकों में 30 और 31 मई को ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी गई है, जो इस समय खेतों में खड़ी फसलों के लिए चिंता का सबब बन सकती है. उधर, उत्तराखंड (देहरादून, उत्तरकाशी), हिमाचल प्रदेश (शिमला, मनाली) और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. भारी बारिश के चलते पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslide) हो सकता है, जिससे रास्ते बंद होने का खतरा है. मनाली में तो न्यूनतम तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं.
असम और मेघालय समेत पूरे पूर्वोत्तर में चक्रवाती हवाओं के कारण लगातार रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी. वहीं, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के नीलगिरी व कोयंबटूर जैसे जिलों में मानसून से पहले की भारी बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है. कुल मिलाकर, आने वाले तीन दिन पूरे देश के लिए बेहद संवेदनशील हैं. मौसम विभाग की सलाह है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, खराब मौसम में सफर करने से बचें.
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-भारत एक्सप्रेस
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