देश

“क्या वे शराब का नाम ईसा मसीह या पैगंबर के नाम पर रखने की हिम्मत करेंगे?” त्रिकाल व्हिस्की के नाम को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रेडिको खेतान पर साधा निशाना

शराब निर्माता रेडिको खेतान के खिलाफ सोमवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ. कंपनी ने अपनी प्रीमियम सिंगल माल्ट व्हिस्की का नाम ‘त्रिकाल’ (Trikal whisky) रखा है, जो भगवान शिव और सनातन धर्म परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ शब्द है. इस कदम का प्रमुख संतों, धार्मिक निकायों और राजनीतिक नेताओं ने विरोध किया, जिन्होंने इसे हिंदू मान्यताओं का सीधा अपमान बताया.

Trikal whisky के पर नाम जताई आपत्ति

शराब ब्रांड की निंदा करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसे सार्वजनिक चर्चा में हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने के व्यापक पैटर्न का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा, “हिंदुओं की आस्था पर हमला करना एक फैशन बन गया है. कभी कोई नेता गणेशजी का अपमान करता है, कभी मां भगवती का, कभी बजरंग बली का, कभी सीता मैया का, कभी गौ माता का, तो कभी भारत माता का. अब यह शराब कंपनी भी अपमान करने की होड़ में शामिल हो गई है.”

रेडिको कंपनी पर आचार्य ने बोला हमला

उन्होंने समझाया कि ‘त्रिकाल’ और ‘महाकाल’ “केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि भगवान शिव के पवित्र संदर्भ हैं”. उन्होंने पूछा कि क्या कोई शराब कंपनी अपने उत्पाद का नाम ईसा मसीह या पैगंबर मुहम्मद के नाम पर रखने की हिम्मत कर सकती है? वे ऐसा नहीं कर सकते. लेकिन यह हिंदुओं के भाग्य की विडंबना है, हमारी एकता और कमजोरी का नतीजा है कि ऐसी चीजें बार-बार होने दी जाती हैं. रेडिको खेतान का कार्य साफ तौर से उसके इरादों में ईमानदारी की कमी दिखाता है.

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कंपनियों को इन पवित्र प्रतीकों के साथ लाखों हिंदुओं के आध्यात्मिक और भावनात्मक जुड़ाव को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

उन्होंने चेतावनी दी, “सवाल यह है कि उन्होंने यह नाम क्यों चुना? इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए. मैं कंपनी के प्रबंधन से सनातन धर्म का सम्मान करने की अपील करता हूं. हिंदू धर्म को भड़काने या उसका मजाक उड़ाने की साजिश में शामिल न हों. विरोध अपरिहार्य और उचित है.”

यह भी पढ़ें- अगर कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाएगा, तो उसका भी मिटना तय हो जाता है, दाहोद में बोले पीएम मोदी

अपनी अंतिम अपील में, उन्होंने हिंदू भावनाओं को लगातार निशाना बनाए जाने के बारे में गहरी चिंता को रेखांकित करते हुए पूछा, “ऐसा क्यों है कि हिंदू मान्यताओं पर हमेशा हमला किया जाता है? यह इरादे के बारे में गंभीर सवाल उठाता है. इस बार यह ‘त्रिकाल’ है. आगे क्या है? अगर हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं की गरिमा को बनाए रखनी है तो इस तरह की शरारतें बंद होनी चाहिए.”

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

“कमाल कर दिया पायलट जी…”, सलमान खान हुए भारतीय पायलट की बहादुरी के मुरीद; सोशल मीडिया पर किया खास पोस्ट

आसमान में हुए जानलेवा हमले के बीच सूझबूझ दिखाकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले…

18 minutes ago

किसने किया कैप्टन स्मित पर हमला? नाम आया सामने… ओमान में था बैन, ऐसे बना दुबई में पायलट; जानें पूरा कच्चा-चिट्ठा

Smit Machchhar Attack: फ्लाईदुबई FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की…

27 minutes ago

क्या आपकी भी अटक जाती थी रजिस्ट्री? पोस्ट ऑफिस ने निकाला पक्का इलाज, अब मोबाइल पर मिलेगा पल-पल का अपडेट

Speed Post New Rule: डाकघर में स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री कराने के नियम बदल चुके…

33 minutes ago

Asian Games 2026: आखिरी दिन भारत का शानदार आगाज, 17 साल की कुमकुम ने दिलाया 17वां गोल्ड

Asian Games 2026: 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में शूटऑफ के…

1 hour ago

आज का पंचांग: आश्विन कृष्ण सप्तमी आज, जानें कब है अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल?

Aaj Ka Panchang 3 October 2026: आज आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि है. जानें अभिजीत मुहूर्त,…

2 hours ago