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Ahmedabad plane crash: प्लेन क्रैश से पहले पायलट ने ATC को भेजा था May Day, May Day, May Day का मैसेज, क्या होता है May Day और पायलट कब करता है यूज

Ahmedabad plane crash: गुरुवार 12 जून की दोपहर अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 क्रैश हो गई. इस प्लेन में कुल 242 लोग सवार थे. जिसमें 230 पैसेंजर, 2 पायलट और 10 क्रू मेंबर शामिल थे. प्लेन टेकऑफ के कुछ ही मिनट के बाद क्रैश हो गया. अब जानकारी निकल के आ रही है कि विमान के टेकऑफ होते ही पायलट ने अपने नजदीकी एटीसी को तीन बार मेडे, मेडे, मेडे कहा था. आखिर मेडे का मतलब क्या होता है और पायलट कब इसका मैसेज भेजते हैं.

पायलट ने भेजा था ‘May Day’ मैसेज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लेन के टेकऑफ होने के तुरंत बाद ही पायलट ने एयर ट्रैफिक सर्विस के पास एक मैसेज भेजा था. जिसमें उसने तीन बार May Day,May Day,May Day कहा. इस मैसेज के तुरंत बाद ही प्लेन क्रैश (Ahmedabad plane crash) हो गया. एटीसी के अनुसार विमान ने अहमदाबाद के एयरपोर्ट नंबर 23 से टेकऑफ किया. टेकऑफ के तुरंत बाद ने पायलट ने मेडे कॉल दिया. लेकिन जब एटीसी ने जब प्रतिक्रिया दी तो पायलट ने कोई जवाब नहीं दिया.

क्या होता है मेडे मैसेज?

मेडे एक फ्रेंच वर्ड है जिसका अर्थ होता है मेरी मदद करो. जब कोई पायलट एटीसी को May Day की सूचना तीन बार दे. तो इसका अर्थ है यह विमान खतरे में है और उसे तुरंत मदद की जरूरत है. इस खतरे में कुछ भी हो सकता है. जैसे विमान का इंजन फेल होना, विमान में आग लगना, प्लेन क्रैश होना या विमान से पायलट का नियंत्रण खत्म होना. इसलिए पायलट तीन बार May Day कहकर मदद की गुहार लगाता है.

ये भी पढ़ें- Ahmedabad Air India Plane Crash: तो इसलिए लंदन जा रहे थे विजय रुपाणी, हादसे के बाद बोर्डिंग पास हो रहा वायरल

गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपानी की भी हुई मौत

बता दें कि, अहमदाबाद में एयर इंडिया का प्लेन गुरुवार को दुर्घटना का शिकार हो गया. इस दुर्घटना के बाद पूरे देश में शोक है. इस विमान में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपानी भी मौजूद थे. जिनकी इस प्लेन क्रैश में मौत हो गई. वहीं विमान को उड़ा रहे दोनों पायलट काफी अनुभवी थे. मुख्य पायलट सुमीत सभरवाल को 8200 घंटों के फ्लाइट का अनुभव था. वहीं सह पायलट के पास 1100 घंटों का अनुभव था.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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